सत्य निकेतन में पीजी इमारत गिरने से हुई 7 मौतों के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिल्ली विश्वविद्यालय में हॉस्टलों की भारी कमी पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने सरकार और यूजीसी से 4 सप्ताह के भीतर किफायती आवास योजना पेश करने को कहा है।

  • NHRC ने दिल्ली मुख्य सचिव और UGC अध्यक्ष से 15 अक्टूबर तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
  • सत्य निकेतन हादसे में 7 छात्रों और श्रमिकों की जान गई, जिसके बाद निजी पीजी की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं।
  • आयोग ने आर्थिक रूप से कमजोर और अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों के लिए किफायती आवास पर जोर दिया है।

नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला पेइंग गेस्ट (PG) आवास के ढहने से मचे हाहाकार के बाद अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है। इस दुखद हादसे में सात लोगों की मृत्यु हो गई, जिसने राजधानी में छात्रों के लिए उपलब्ध निजी आवासों की सुरक्षा और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में हॉस्टलों की भारी किल्लत को उजागर कर दिया है।

एनएचआरसी ने दिल्ली के मुख्य सचिव और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वे अगले चार सप्ताह के भीतर एक ठोस एक्शन प्लान प्रस्तुत करें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह योजना 15 अक्टूबर तक जमा होनी चाहिए, जिसमें नए हॉस्टलों के निर्माण और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार व उन्नयन का पूरा विवरण हो।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने पिछले कुछ वर्षों में सीटों की संख्या तो बढ़ाई है, लेकिन बुनियादी ढांचे, विशेषकर हॉस्टलों के विकास में भारी कमी रही है। इसका सीधा परिणाम यह है कि हजारों छात्र असुरक्षित और अनधिकृत निजी पीजी आवासों में रहने को मजबूर हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए, संपत्ति मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसके साथ ही, नगर निगम (MCD) के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और दिल्ली उच्च न्यायालय ने नागरिक अधिकारियों की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

"छात्र आवास केवल ईंट-पत्थर की इमारतें नहीं हैं, बल्कि यह शिक्षा के अधिकार का एक अभिन्न हिस्सा हैं; असुरक्षित आवास सीधे तौर पर जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।"

दिल्ली सरकार ने अब शहर के प्रमुख पीजी हब में संरचनात्मक ऑडिट (Structural Audit) और निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से उन अवैध पांचवीं मंजिलों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जो अक्सर बिना किसी अनुमति के बनाई जाती हैं और इमारत की नींव पर दबाव डालती हैं।

क्या आप जानते हैं?: दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के आसपास के इलाकों में पीजी आवासों की मांग इतनी अधिक है कि यहाँ कई इमारतें अपनी निर्धारित क्षमता से तीन गुना अधिक छात्रों को शरण दे रही हैं।

Frequently Asked Questions

1. NHRC ने रिपोर्ट कब तक मांगी है?
आयोग ने दिल्ली मुख्य सचिव और UGC अध्यक्ष से 15 अक्टूबर तक विस्तृत रिपोर्ट और एक्शन प्लान मांगा है।

2. सत्य निकेतन हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई और 5 लोग घायल हुए, जिसके बाद बचाव कार्य में 27 घंटे लगे।