शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने ठाणे के बल्कुम पाड़ा में प्रस्तावित अमेज़न AI डेटा सेंटर का कड़ा विरोध किया है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि यह परियोजना शोर, गर्मी और प्रदूषण के कारण शहर को रहने लायक नहीं छोड़ेगी।

  • अमेज़न का ₹7,203.29 करोड़ का प्रस्तावित AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट।
  • 95 dB से अधिक शोर और भारी मात्रा में डीजल स्टोरेज का खतरा।
  • स्थानीय समूह 'वेक-अप ठाणेकर' द्वारा पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं।
  • आदित्य ठाकरे ने प्रोजेक्ट को 'रेड इंडस्ट्री' क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग की।

ठाणे के बल्कुम पाड़ा क्षेत्र में अमेज़न द्वारा स्थापित किए जाने वाले प्रस्तावित AI डेटा सेंटर ने एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप ले लिया है। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने हाल ही में स्थानीय निवासियों से मुलाकात की और चेतावनी दी कि यह परियोजना ठाणे को 'अनलाइवेबल' या रहने के अयोग्य बना देगी।

आदित्य ठाकरे ने परियोजना के तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस केंद्र से निकलने वाला शोर 95 डेसिबल (dB) से अधिक होगा, जो आवासीय क्षेत्र के लिए बेहद हानिकारक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कूलिंग प्लांट से निकलने वाली गर्मी और भारी बिजली की खपत स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करेगी। इसके अलावा, बैकअप के लिए 93 डीजल जनरेटर और 5 लाख टन डीजल के भंडारण की योजना को उन्होंने एक 'टिकिंग टाइम बम' की तरह बताया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक स्थानीय विरोध नहीं है, बल्कि यह भारत के तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर बुनियादी ढांचे और शहरी नियोजन के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। जब तकनीकी दिग्गज आवासीय क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं, तो अक्सर पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) और जन परामर्श की अनदेखी की जाती है, जैसा कि इस मामले में 'वेक-अप ठाणेकर' समूह ने आरोप लगाया है।

AI डेटा सेंटर पारंपरिक केंद्रों की तुलना में कहीं अधिक ऊर्जा और जल संसाधनों की खपत करते हैं, जिससे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।

स्थानीय निवासी अनुराधा ने बताया कि एक AI डेटा सेंटर की बिजली की खपत लगभग 6 लाख घरों के बराबर होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पारंपरिक डेटा सेंटर और AI डेटा सेंटर के बीच संसाधनों की आवश्यकता का बहुत बड़ा अंतर है, जिसे प्रशासन और कंपनी ने स्पष्ट नहीं किया है।

ऐतिहासिक रूप से, अमेज़न डेटा सर्विसेज इंडिया ने अक्टूबर 2022 में कलपातरु की सहायक कंपनी अनंत लैंडमार्क्स से लगभग ₹1,870 करोड़ में 54 एकड़ जमीन खरीदी थी। जून 2024 में, कंपनी ने EIA अधिसूचना 2006 के तहत 'टाउनशिप और क्षेत्र विकास परियोजनाओं' की श्रेणी में पर्यावरणीय मंजूरी के लिए आवेदन किया था, जिस पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं।

विशेषता पारंपरिक डेटा सेंटर AI डेटा सेंटर (प्रस्तावित)
बिजली खपत मध्यम अत्यधिक (6 लाख घरों के बराबर)
कूलिंग आवश्यकताएं मानक उच्च तीव्रता वाली कूलिंग (गर्मी उत्सर्जन)
पर्यावरणीय प्रभाव सीमित उच्च शोर (95dB+) और डीजल जोखिम
क्या आप जानते हैं?: AI डेटा सेंटर को सामान्य डेटा सेंटर की तुलना में बहुत अधिक बिजली की आवश्यकता होती है क्योंकि AI मॉडल को प्रशिक्षित करने वाले GPU बहुत अधिक गर्मी पैदा करते हैं।

Frequently Asked Questions

1. 'वेक-अप ठाणेकर' समूह की मुख्य मांग क्या है?
समूह की मुख्य मांग है कि इस परियोजना को आवासीय क्षेत्र से हटाकर किसी 'रेड इंडस्ट्री' (भारी उद्योग) क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए।

2. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
अमेज़न के इस प्रस्तावित AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत ₹7,203.29 करोड़ है।