कर्नाटक में चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन निलेकणी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम विसंगति सूची में पाए गए हैं। उन्हें अब अपनी पात्रता साबित करने के लिए दस्तावेज़ जमा करने होंगे।
- नंदन निलेकणी, उनकी पत्नी और बच्चों को 'Unmapped with last SIR' श्रेणी में रखा गया है।
- यह समस्या उन मतदाताओं के साथ है जो 2002 की मतदाता सूची का हिस्सा नहीं थे।
- अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को प्रकाशित होने वाली है।
कर्नाटक में निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) की प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आईटी दिग्गज इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन निलेकणी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम विसंगति सूची (Discrepancy List) में शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 71 वर्षीय नंदन निलेकणी, उनकी पत्नी रोहिणी निलेकणी, और उनके बच्चों जान्हवी और निहार निलेकणी को नोटिस जारी किए जाने की संभावना है। उन्हें 'Unmapped with last SIR' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह वर्गीकरण उन मतदाताओं पर लागू होता है जो वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं थे, जिसके कारण वर्तमान डेटा मिलान में समस्या आ रही है।
निलेकणी परिवार बीटीएम लेआउट निर्वाचन क्षेत्र के तहत कोरामंगला के रेड्डी जनसंघ हाई स्कूल के मतदान केंद्र पर पंजीकृत है। अब उन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमोदित 11 दस्तावेज़ों में से कोई एक जमा करना होगा। यह पूरी प्रक्रिया 22 अक्टूबर तक पूरी होनी है, जिसके बाद 27 अक्टूबर को अंतिम सूची जारी की जाएगी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this incident highlights a systemic challenge in India's electoral database migration. When the state relies on legacy data (like the 2002 rolls) to verify current citizenship and residency, even high-profile citizens with impeccable records face bureaucratic hurdles. It underscores the urgent need for a fully digitized, real-time updated electoral system to avoid mass disenfranchisement.
The inclusion of high-profile names in discrepancy lists proves that electoral audits are being conducted uniformly, regardless of social or economic status.
दिलचस्प बात यह है कि निलेकणी अकेले नहीं हैं। इस सूची में भारत रत्न प्रोफेसर सीएनआर राव और पद्म श्री पुरस्कार विजेता हरेकाला हजाब्बा जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के नाम भी शामिल थे। हालांकि, जिला चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर राव के मामले में बूथ स्तर के अधिकारी ने उन्हें अंतिम सूची में शामिल करने की सिफारिश की है, जबकि हजाब्बा को नाम में विसंगति के कारण नोटिस जारी किया गया है।
आंकड़ों की बात करें तो, कर्नाटक की ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 4.46 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से लगभग 43.81 लाख मतदाताओं के लिए नोटिस जेनरेट किए गए हैं। यह एक व्यापक सफाई अभियान है जिसका उद्देश्य फर्जी नामों को हटाना और वास्तविक मतदाताओं को सुनिश्चित करना है।
प्रमुख व्यक्तित्वों की स्थिति
| नाम | स्थिति | कारण |
|---|---|---|
| नंदन निलेकणी | नोटिस अपेक्षित | 2002 सूची से अनुपस्थित |
| प्रो. सीएनआर राव | समावेशन अनुशंसित | डेटा मिसमैच |
| हरेकाला हजाब्बा | नोटिस जारी | नाम में विसंगति |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 'Unmapped with last SIR' का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि मतदाता का नाम पिछले विशेष गहन संशोधन या विशेष रूप से 2002 की मतदाता सूची में नहीं मिला है।
प्रश्न 2: मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए क्या करना होगा?
प्रभावित मतदाताओं को 22 अक्टूबर तक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास चुनाव आयोग द्वारा मान्य दस्तावेज़ जमा करने होंगे।