इंडिया टुडे के 2018 के सनसनीखेज 'ऑपरेशन बिटकॉइन' खुलासे के 8 साल बाद, 113 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी अमित लखनपाल को यूएई से गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ठाणे पुलिस की संयुक्त कोशिशों से यह बड़ी कामयाबी मिली है।
- 113 करोड़ रुपये के मनी ट्रेड क्वाइन (MTC) घोटाले का मुख्य आरोपी अमित लखनपाल यूएई में गिरफ्तार।
- 2018 में इंडिया टुडे के 'ऑपरेशन बिटकॉइन' स्टिंग के बाद आरोपी भारत से फरार हो गया था।
- ED और ठाणे पुलिस ने रेड नोटिस के जरिए आरोपी को ट्रैक किया।
- निवेशकों को 20 गुना मुनाफे और विदेशी नागरिकता का लालच दिया गया था।
क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड अमित लखनपाल को आखिरकार कानून के शिकंजे में ले लिया गया है। बुधवार देर रात यूएई (UAE) में उसकी गिरफ्तारी के साथ ही एक लंबे समय से लंबित कानूनी लड़ाई में भारत को बड़ी जीत मिली है। लखनपाल पर आरोप है कि उसने मनी ट्रेड क्वाइन (MTC) के जरिए निवेशकों को बड़े मुनाफे का झांसा देकर करीब 113.10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
इस पूरे घोटाले की परतें साल 2018 में तब खुली थीं जब इंडिया टुडे और आजतक की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन 'ऑपरेशन बिटकॉइन' सामने आई थी। इस स्टिंग ऑपरेशन में रिपोर्टर्स ने बड़े निवेशक बनकर ठाणे स्थित 'फ्लिंटस्टोन ग्रुप' के ऑफिस में प्रवेश किया था। वहां कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया था कि निवेश पर मात्र 4 से 6 महीनों में 10 से 20 गुना तक रिटर्न मिल सकता है। इतना ही नहीं, निवेशकों को कैरेबियन देशों की नागरिकता दिलाने का लुभावना वादा भी किया गया था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this arrest is a significant victory for Indian investigative agencies in the realm of cross-border financial crimes. It sends a strong signal to white-collar criminals that fleeing the country using fake identities or foreign passports (like Antigua and Barbuda) will not provide permanent sanctuary. This case highlights the vulnerability of retail investors to unregulated crypto assets.
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि लखनपाल ने दिल्ली, पुणे और नासिक जैसे शहरों में सेमिनार आयोजित किए थे। वहां उसने खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीता। उसने दावा किया कि MTC को जल्द ही सरकारी मान्यता मिल जाएगी, जिसके बाद इसकी कीमतें आसमान छूने लगेंगी।
"The use of synthetic identities and foreign passports to evade extradition is a growing trend in crypto-fraud, making international cooperation between ED and UAE authorities crucial."
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, लखनपाल ने Coin Deposit Ratio और MTCX India जैसे एक्सचेंजों के जरिए कीमतों में हेरफेर किया। जब निवेशकों ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो ट्रेडिंग और विड्रॉल की सुविधाएं अचानक बंद कर दी गईं। हाल ही में ED ने भारत में छापेमारी के दौरान करीब एक करोड़ रुपये नकद और कई डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।
Frequently Asked Questions
1. अमित लखनपाल ने निवेशकों को क्या लालच दिया था?
उसने निवेशकों को 4-6 महीने में 10 से 20 गुना रिटर्न और कैरेबियन देशों की नागरिकता दिलाने का वादा किया था।
2. इस घोटाले का खुलासा कैसे हुआ?
इस घोटाले का खुलासा 2018 में इंडिया टुडे के 'ऑपरेशन बिटकॉइन' नामक स्टिंग ऑपरेशन के जरिए हुआ था।