सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पास की एक अन्य खतरनाक इमारत को नियंत्रित तरीके से ध्वस्त करना शुरू कर दिया है।

  • एमसीडी ने सत्य निकेतन में ढही इमारत के बगल में स्थित एक गर्ल्स पीजी का नियंत्रित विध्वंस शुरू किया है।
  • 6 सितंबर को पांच मंजिला बॉयज पीजी गिरने से सात लोगों की जान गई और पांच घायल हुए।
  • उत्तर दिल्ली के नेहरू विहार में भी इमारतों के झुकने और नागरिक लापरवाही की शिकायतें सामने आई हैं।

दिल्ली नगर निगम (MCD) ने दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में एक असुरक्षित इमारत के नियंत्रित विध्वंस की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उस दुखद हादसे के बाद की गई है जिसमें एक पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों के अनुसार, बगल वाली इमारत को भी खतरनाक घोषित किया गया था।

मिली जानकारी के अनुसार, जिस इमारत को गिराया जा रहा है, वहां लड़कियों का पीजी (Paying Guest) चलता था। रविवार को पड़ोसी इमारत गिरने के तुरंत बाद इसे खाली करा लिया गया था। एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि विध्वंस का कार्य मंगलवार को शुरू हुआ और शाम को रोका गया, जिसे अगली सुबह फिर से शुरू किया जाएगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल एक संरचनात्मक विफलता नहीं है, बल्कि शहरी नियोजन और नागरिक निगरानी की गंभीर कमी का परिणाम है। छात्रों के लिए आवासीय घरों को बिना सुरक्षा ऑडिट के उच्च-घनत्व वाले पीजी में बदलना उन्हें 'डेथ ट्रैप' में बदल रहा है।

"सत्य निकेतन जैसे छात्र केंद्रों में संरचनात्मक अखंडता की निगरानी करने में विफलता, तेजी से बढ़ते शहरीकरण और नियामक प्रवर्तन के बीच के अंतर को दर्शाती है।"

एमसीडी ने सत्य निकेतन के प्रॉपर्टी नंबर 13 के लिए आदेश जारी कर मालिक या अधिभोगी को इसे तुरंत गिराने का निर्देश दिया, क्योंकि यह आसपास के निवासियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही थी। छात्रों को केवल अपना सामान निकालने के लिए इमारत में जाने की अनुमति दी गई थी।

इस बीच, उत्तर दिल्ली के नेहरू विहार से भी चौंकाने वाली खबरें आई हैं। वहां के निवासियों ने शिकायत की है कि एक दोषपूर्ण सीवर लाइन के कारण पिछले एक दशक से इमारतें झुक रही हैं। निवासियों का आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड और एमसीडी ने उनकी शिकायतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया है।

एक स्थानीय निवासी ने बताया कि एक इमारत को गिराकर दोबारा बनाया गया, लेकिन कुछ ही वर्षों में वह फिर से झुकने लगी। आरोप है कि गांधी विहार के एफ ब्लॉक में लगभग 400 घर इसी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं, जो क्षेत्र में बड़े बुनियादी ढांचे के संकट की ओर इशारा करता है।

क्या आप जानते हैं?: नियंत्रित विध्वंस (Controlled Demolition) एक सटीक इंजीनियरिंग प्रक्रिया है जिसमें इमारत को इस तरह गिराया जाता है कि वह अपने ही दायरे में रहे और आसपास की संपत्तियों को नुकसान न पहुंचे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: सत्य निकेतन हादसे में कितने लोग मारे गए?
उत्तर: बॉयज पीजी की पांच मंजिला इमारत गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत हुई और पांच घायल हुए।

प्रश्न 2: एमसीडी बगल वाली इमारत को क्यों गिरा रहा है?
उत्तर: पड़ोसी इमारत गिरने के बाद बगल वाली गर्ल्स पीजी को भी खतरनाक घोषित कर दिया गया था, जिससे जान-माल का खतरा था।