राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने खुलासा किया है कि लाल किला धमाके के आरोपी ने बम बनाने के लिए ChatGPT और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग किया। यह मामला तकनीक के दुरुपयोग और आतंकी मॉड्यूल की गहरी साजिश को उजागर करता है।
- आरोपी जसीर बिलाल वानी ने IED निर्माण सीखने के लिए ChatGPT और यूट्यूब का उपयोग किया।
- बम के पुर्जे Flipkart के माध्यम से मंगवाए गए और योजना बनाने के लिए Signal ऐप का इस्तेमाल हुआ।
- हमलावर उमर उन नबी ने मूत्र (Urine) से यूरिया निकालकर विस्फोटक तैयार करने की कोशिश की।
- यह साजिश अल-कायदा से जुड़े समूह 'अंसार गज़वात-उल-हिंद' (AGuH) द्वारा रची गई थी।
नई दिल्ली की एक अदालत ने लाल किला धमाके के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया है। इस दस्तावेज़ से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नवंबर 2025 में हुए इस भीषण हमले के पीछे न केवल कट्टरपंथ था, बल्कि आधुनिक तकनीक का खतरनाक मेल भी था। आरोपी जसीर बिलाल वानी ने 'रॉकेट IED' बनाने के निर्देश प्राप्त करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल ChatGPT और यूट्यूब के ट्यूटोरियल का सहारा लिया।
जांच में पाया गया कि आतंकियों ने अपनी गोपनीयता बनाए रखने के लिए व्हाट्सएप और टेलीग्राम के बजाय Signal ऐप को प्राथमिकता दी। दिलचस्प बात यह है कि आरोपी इसे 'काफिरों' द्वारा बनाया गया ऐप मानते थे, लेकिन इसकी एन्क्रिप्शन क्षमता के कारण उन्होंने इसे सुरक्षित पाया। उन्होंने अपने गुप्त समूहों के नाम 'शूली', 'गब्बरसिंह1975' और 'कावड़यात्रा' जैसे कोड नामों से रखे थे ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मामला इस बात का प्रमाण है कि कैसे आतंकवादी संगठन अब पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्रों के बजाय ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) और AI का उपयोग कर रहे हैं। यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती है क्योंकि अब 'लोन वुल्फ' हमले या छोटे मॉड्यूल डिजिटल उपकरणों के माध्यम से अत्यधिक घातक बन सकते हैं।
चार्जशीट के अनुसार, बम के घटकों को Flipkart के माध्यम से मंगवाया गया था, जिसका भुगतान नकद (Cash on Delivery) में किया गया। मुख्य हमलावर उमर उन नबी, जो पुलवामा का रहने वाला एक डॉक्टर था, ने विस्फोटक बनाने के लिए एक अत्यंत विचित्र और घिनौना तरीका अपनाया। उसने कमरे में पॉलीबैग्स में मूत्र जमा किया ताकि उससे यूरिया नाइट्रेट निकाला जा सके।
"तकनीक का यह लोकतंत्रीकरण आतंकियों को बिना किसी भौतिक प्रशिक्षण के घातक हथियार बनाने की क्षमता दे रहा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है।"
NIA ने खुलासा किया कि यह पूरा ऑपरेशन लगभग डेढ़ साल तक चलाया गया। आरोपियों ने फरीदाबाद के खोरी जम्मूपुर गांव में फलों के भंडारण के बहाने चार कमरे किराए पर लिए थे, जिनका उपयोग वास्तव में रसायनों की प्रोसेसिंग और धुलाई के लिए किया जा रहा था। उमर उन नबी ने हमले से पहले लाल किले का 12 बार दौरा किया था ताकि वह सटीक स्थान का चयन कर सके।
1. आरोपी ने बम बनाने के लिए किस AI का उपयोग किया?
आरोपी ने IED निर्माण के निर्देशों के लिए ChatGPT का उपयोग किया और यूट्यूब पर रॉकेट बनाने के वीडियो देखे।
2. हमले का मुख्य उद्देश्य क्या था?
लाल किले को भारतीय राज्य का प्रतीक माना गया, इसलिए इसे निशाना बनाकर राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने और डर पैदा करने की कोशिश की गई।