परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि E20 पेट्रोल के कारण वाहनों में क्षति की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है, हालांकि उन्होंने माइलेज में मामूली गिरावट की बात स्वीकार की है।
- तेलंगाना परिवहन विभाग को E20 पेट्रोल से वाहन क्षति की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है।
- E20 ईंधन के उपयोग से वाहनों के पिक-अप और माइलेज में 3% से 5% की कमी आ सकती है।
- 1 अप्रैल, 2026 के बाद निर्मित वाहन E20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं।
- इथेनॉल सम्मिश्रण का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, प्रदूषण कम करना और विदेशी मुद्रा बचाना है।
9 सितंबर, 2026 को विधान परिषद के सत्र के दौरान, तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने देशभर में लागू किए गए E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर उठ रही चिंताओं पर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि परिवहन विभाग को वाहन मालिकों या ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों से इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण इंजन में क्षति की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
एमएलसी प्रोफेसर कोडंदराम द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए, मंत्री ने स्वीकार किया कि शुद्ध पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल में ऊर्जा सामग्री कम होती है। इस कारण वाहनों के प्रदर्शन पर मामूली असर पड़ सकता है, विशेष रूप से पिक-अप और माइलेज में 3% से 5% की गिरावट देखी जा सकती है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमित सर्विसिंग से वाहनों को बिना किसी बड़ी समस्या के चलाया जा सकता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, E20 की ओर संक्रमण केवल ईंधन का बदलाव नहीं, बल्कि एक रणनीतिक आर्थिक कदम है। गन्ने के रस, शीरे और मक्का जैसे कृषि उत्पादों को ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में शामिल करके, सरकार वैश्विक तेल बाजारों की अस्थिरता को कम करने और कृषि क्षेत्र के लिए एक निश्चित आय स्रोत बनाने का प्रयास कर रही है।
E20 की ओर बदलाव टिकाऊ गतिशीलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहाँ मामूली दक्षता हानि के बदले महत्वपूर्ण पर्यावरणीय लाभ प्राप्त हो रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि E20 कार्यक्रम केंद्र सरकार की नीति के तहत लागू किया जा रहा है और इसकी निगरानी तेल विपणन कंपनियों द्वारा की जा रही है। केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम के तहत सुरक्षा और प्रमाणन आवश्यकताएं अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल के बाद बने वाहन E20 के लिए डिजाइन किए गए हैं, जबकि पुराने वाहनों के मालिकों को कुछ मामूली बदलाव या स्पेयर पार्ट्स बदलने की आवश्यकता हो सकती है।
इंजन के अलावा, मंत्री ने इसके व्यापक आर्थिक लाभों पर प्रकाश डाला: किसानों को बेहतर मूल्य, प्रदूषण में कमी और विदेशी मुद्रा की बचत। उन्होंने इथेनॉल संयंत्रों से होने वाले प्रदूषण की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि करीमनगर जैसे जिलों में स्थापित आधुनिक संयंत्र प्रदूषण नियंत्रण उपायों से लैस हैं।
| विशेषता | सामान्य पेट्रोल | E20 मिश्रित पेट्रोल |
|---|---|---|
| ऊर्जा सामग्री | उच्च | थोड़ी कम |
| वाहन माइलेज | बेसलाइन | 3-5% की कमी |
| पर्यावरणीय प्रभाव | अधिक उत्सर्जन | कम उत्सर्जन |
| आर्थिक स्रोत | आयातित कच्चा तेल | घरेलू कृषि |
इसके साथ ही, मंत्री ने तेलंगाना की ईवी (EV) नीति की सफलता का उल्लेख किया, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को 100% कर छूट दी जा रही है, जिससे राज्य में हरित गतिशीलता को बढ़ावा मिला है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या E20 पेट्रोल मेरे पुराने वाहन के इंजन को नुकसान पहुँचाएगा?
अब तक किसी बड़े नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन पुराने वाहनों को पूरी तरह अनुकूल बनाने के लिए मामूली बदलाव या कुछ पुर्जों को बदलने की आवश्यकता हो सकती है।
प्रश्न 2: E20 ईंधन से माइलेज क्यों कम हो जाता है?
इथेनॉल का ऊर्जा घनत्व शुद्ध पेट्रोल की तुलना में कम होता है, जिसका अर्थ है कि समान ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए इंजन को थोड़े अधिक ईंधन की आवश्यकता होती है।