NPR और बोस्टन यूनिवर्सिटी की एक जांच से पता चला है कि अमेरिका में गर्मी से होने वाली मौतों का आंकड़ा सरकारी आंकड़ों से पांच गुना अधिक है, जिसमें मोबाइल होम निवासी सबसे अधिक जोखिम में हैं।
- अमेरिका में हर साल गर्मी से लगभग 9,000 मौतें होती हैं, जो संघीय आंकड़ों से पांच गुना अधिक है।
- मोबाइल होम और ट्रेलर में रहने वाले लोगों की गर्मी से मरने की संभावना पारंपरिक घरों की तुलना में 6-8 गुना अधिक है।
- जलवायु परिवर्तन के कारण एरिजोना जैसे राज्यों में हीटवेव अधिक लंबी और घातक होती जा रही है।
अमेरिकी दक्षिण-पश्चिम के रेगिस्तानी इलाकों में सूरज की तपिश अब केवल मौसम का हिस्सा नहीं, बल्कि एक जानलेवा खतरा बन गई है। NPR और बोस्टन यूनिवर्सिटी की एक विस्तृत जांच ने यह खुलासा किया है कि अमेरिका में भीषण गर्मी से होने वाली मौतों का आधिकारिक आंकड़ा वास्तविकता से बहुत कम है।
यह संकट एरिजोना में सबसे गंभीर है, विशेष रूप से मैरिकोपा काउंटी में, जहाँ गर्मी से जुड़ी मौतों की संख्या हर साल तूफान और बाढ़ जैसी अन्य सभी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली कुल मौतों से अधिक हो जाती है। जबकि कई लोगों के लिए गर्मी केवल एक असुविधा है, लेकिन बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा की कमी के कारण हजारों लोगों के लिए यह एक त्रासदी बन गई है।
जोखिम का भूगोल
एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी (ASU) की भूगोलवेत्ता पैट्रीसिया सोलिस ने मैपिंग के जरिए इस संकट के पैटर्न को समझा। उन्होंने पाया कि जिन इलाकों में बिजली बिल भुगतान के लिए सरकारी सहायता कम थी, वहां गर्मी से होने वाली मौतों के क्लस्टर सबसे अधिक थे। ये क्लस्टर मुख्य रूप से 'मोबाइल होम पार्कों' (चल घर) में पाए गए।
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल जलवायु परिवर्तन का मुद्दा नहीं है, बल्कि एक सामाजिक-आर्थिक विफलता है। मोबाइल होम अक्सर खराब इंसुलेशन वाले होते हैं और उनमें कुशल कूलिंग सिस्टम की कमी होती है, जिससे वे भीषण गर्मी में 'डेथ ट्रैप' बन जाते हैं। जब बिजली की बढ़ती लागत और गरीबी इसमें जुड़ जाती है, तो घर सुरक्षा देने के बजाय खतरा बन जाता है।
"हम में से कुछ के लिए गर्मी एक असुविधा है, लेकिन बहुत से अन्य लोगों के लिए यह एक पूर्ण तबाही है।"
बुनियादी ढांचे की विफलता की मानवीय कीमत
इस त्रासदी का एक चेहरा शेरी पेटी हैं, जो टक्सन के बाहरी इलाके में एक ट्रेलर में रहती थीं। उनके घर का कूलिंग सिस्टम खराब होने के कारण उन्हें भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। रिपोर्टों के अनुसार, उनके शरीर का तापमान 106 डिग्री तक पहुंच गया था, जो यह दर्शाता है कि एक घर कितनी जल्दी रहने लायक नहीं रह जाता।
जांच में यह भी सामने आया कि उम्र, मधुमेह जैसी पहले से मौजूद बीमारियां और वित्तीय अस्थिरता इस जोखिम को और बढ़ा देती हैं। कई मामलों में, इन मौतों को 'प्राकृतिक कारणों' के रूप में दर्ज किया जाता है, जिससे वास्तविक पर्यावरणीय कारण छिप जाता है और नीतिगत बदलाव नहीं हो पाते।
| आवास का प्रकार | गर्मी का सापेक्ष जोखिम | मुख्य कमजोरियां |
|---|---|---|
| पारंपरिक आवास | सामान्य (Baseline) | बिजली लागत, AC विफलता |
| निर्मित/मोबाइल होम | 6-8 गुना अधिक | खराब इंसुलेशन, वित्तीय कमी, हीट ट्रैप |
प्रश्न 1: हीटवेव के दौरान मोबाइल होम अधिक खतरनाक क्यों होते हैं?
पारंपरिक घरों की तुलना में इनमें इंसुलेशन बहुत खराब होता है, जिससे कूलिंग सिस्टम फेल होने पर अंदर का तापमान तेजी से बढ़ता है।
प्रश्न 2: आधिकारिक मृत्यु दर वास्तविक संख्या से कम क्यों है?
कई मौतों को 'प्राकृतिक कारणों' या पहले से मौजूद बीमारियों के नाम पर दर्ज कर लिया जाता है, जिससे गर्मी की भूमिका नजरअंदाज हो जाती है।