तिरुवनंतपुरम के मेयर वी.वी. राजेश ने मल्टीप्लेक्सों में खाद्य पदार्थों की अत्यधिक कीमतों और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने थिएटर मालिकों को पेयजल सुविधा और सुरक्षा मानकों में सुधार के लिए 15 दिनों का समय दिया है।
- मल्टीप्लेक्सों में खाने-पीने की वस्तुओं की अत्यधिक कीमतों पर लगाम लगाने की कोशिश।
- सभी एग्जिट पॉइंट्स पर मुफ्त पेयजल डिस्पेंसर लगाने का निर्देश।
- फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन और अवैध सीटों के निर्माण पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
तिरुवनंतपुरम के मेयर वी.वी. राजेश ने शहर के सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स मालिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सिनेमाघरों में मिलने वाले खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की मनमानी कीमतों पर अंकुश लगाना था। मेयर ने स्पष्ट किया कि हालांकि नगर निगम की शक्तियां सीमित हैं, लेकिन वे नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बैठक के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेयर ने बताया कि निगम ने थिएटर मालिकों को सुझावों की एक विस्तृत सूची सौंपी है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि सिनेमा हॉल के सभी निकास द्वारों (Exit Points) के पास पीने के पानी के डिस्पेंसर और टंबलर रखे जाएं, ताकि दर्शकों को पानी के लिए भारी कीमत न चुकानी पड़े।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this move is a direct response to the growing consumer frustration over 'monopoly pricing' in multiplexes. By linking license renewals to basic amenities and safety, the Corporation is leveraging administrative power to enforce social accountability on private businesses.
इसके अलावा, मेयर ने उन शिकायतों पर भी चिंता जताई जिनमें बच्चों के लिए लाए गए भोजन को भी सिनेमा हॉल के अंदर ले जाने से मना किया जा रहा था। निगम ने निर्देश दिया है कि ऐसे प्रतिबंध नहीं लगाए जाने चाहिए। साथ ही, महिलाओं की निजता का सम्मान करते हुए यह अनिवार्य किया गया है कि महिलाओं के बैग की जांच केवल महिला कर्मचारियों द्वारा ही की जाए।
"जब निजी मनोरंजन केंद्र बुनियादी मानवीय आवश्यकताओं जैसे पानी और सुरक्षा के साथ समझौता करते हैं, तो प्रशासनिक हस्तक्षेप अनिवार्य हो जाता है।"
सुरक्षा मानकों पर बात करते हुए श्री राजेश ने खुलासा किया कि कुछ थिएटरों ने लाइसेंस मिलने के बाद फायर और सेफ्टी सिस्टम हटा दिए और उस जगह पर अतिरिक्त सीटें लगा दीं। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि दर्शकों की जान के साथ खिलवाड़ भी है। मेयर ने यह भी स्पष्ट किया कि थिएटरों का अनुबंध केवल मान्यता प्राप्त अपशिष्ट संग्रह एजेंसियों (Waste Collection Agencies) के साथ ही होना चाहिए।
Frequently Asked Questions
1. क्या मेयर सिनेमाघरों में खाने की कीमतें तय कर सकते हैं?
नगर निगम की कीमतें तय करने की सीमित शक्तियां हैं, लेकिन वे लाइसेंस शर्तों और उपभोक्ता सुविधाओं के माध्यम से दबाव बना सकते हैं।
2. थिएटर मालिकों को सुधार के लिए कितना समय दिया गया है?
मेयर ने आवश्यक बदलाव करने के लिए थिएटर मालिकों को 15 दिनों का समय दिया है, जिसके बाद फिर से समीक्षा बैठक होगी।