एक ऐतिहासिक पहल में, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने प्राकृतिक कारणों से मृत्यु होने वाले श्रद्धालुओं के लिए जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा को बढ़ाकर ₹10 लाख करने का निर्णय लिया है।
- तिरुमला में प्राकृतिक मृत्यु पर ₹2 लाख का जीवन बीमा।
- दुर्घटना मृत्यु मुआवजे को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया।
- रिटायर्ड CPS/NPS पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार।
- अन्नप्रसादम केंद्रों के खाद्य अपशिष्ट के लिए बायोगैस प्लांट की मंजूरी।
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) बोर्ड ने बुधवार को देश में अपनी तरह की पहली पहल करते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। बोर्ड ने उन श्रद्धालुओं के लिए ₹2 लाख के जीवन बीमा कवर को मंजूरी दी है, जिनकी तिरुमला में प्राकृतिक कारणों से मृत्यु हो जाती है। यह राशि उनके परिवारों को भुगतान की जाएगी।
यह महत्वपूर्ण निर्णय वार्षिक सलाकटला ब्रह्मोत्सवम से पहले लिया गया है, क्योंकि मंदिर प्रशासन बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों के लिए तैयारी कर रहा है। अध्यक्ष बी.आर. नायडू की अध्यक्षता और कार्यकारी अधिकारी एम. रविचंद्र की उपस्थिति में लिए गए इस निर्णय में दुर्घटना बीमा में भी भारी वृद्धि की गई है। अब तिरुमला में दुर्घटना में जान गंवाने वाले भक्तों के परिवारों को ₹3 लाख के बजाय ₹10 लाख का मुआवजा मिलेगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह पहल TTD को केवल एक धार्मिक प्रशासनिक निकाय से बदलकर एक कल्याणकारी संस्थान बनाती है। उच्च ऊंचाई वाले तीर्थ स्थलों और अत्यधिक भीड़ से जुड़े जोखिमों को स्वीकार करके, TTD धार्मिक पर्यटन प्रबंधन के लिए एक वैश्विक मिसाल कायम कर रहा है। यह कदम न केवल भावनात्मक समर्थन प्रदान करता है, बल्कि शोक संतप्त परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत भी देता है।
"श्रद्धालु बीमा का संस्थागतकरण भारत में प्रमुख धार्मिक स्थलों द्वारा भक्त कल्याण और जोखिम प्रबंधन के तरीके में एक बड़े बदलाव का संकेत है।"
श्रद्धालुओं के अलावा, बोर्ड ने अपने कर्मचारियों के कल्याण पर भी ध्यान दिया है। कर्मचारी स्वास्थ्य सुविधा (EHF) लाभों को सेवानिवृत्त CPS/NPS पेंशनभोगियों और उनके परिवारों तक विस्तारित किया गया है, ताकि उन्हें OPS पेंशनभोगियों के समान लाभ मिल सकें। साथ ही, विभिन्न विभागों के 48 SLPMC कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि को भी मंजूरी दी गई है।
ब्रह्मोत्सवम के दौरान स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए, तीन वर्षों के लिए अतिरिक्त स्वच्छता कर्मियों के परिवहन शुल्क के रूप में ₹1.60 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। लड्डू उत्पादन की भारी मांग को पूरा करने के लिए सरकार को 400 अतिरिक्त आउटसोर्सिंग पदों के प्रस्ताव भेजे गए हैं, और प्रतिदिन 10 लाख लड्डुओं का बफर स्टॉक रखने की योजना है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में, बोर्ड ने IOCL के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है जिसके तहत अन्नप्रसादम केंद्रों, कैंटीन और होटलों से निकलने वाले खाद्य अपशिष्ट का उपयोग करके एक बायोगैस प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस सुविधा का संचालन GPS Renewables द्वारा ₹2.80 करोड़ की लागत से किया जाएगा।
| बीमा का प्रकार | पिछला कवर | नया कवर |
|---|---|---|
| प्राकृतिक मृत्यु | उपलब्ध नहीं | ₹2 लाख |
| दुर्घटना मृत्यु | ₹3 लाख | ₹10 लाख |
उत्सव की शुरुआत 14 सितंबर को अंकुरार्पणम के साथ होगी, जिसके बाद 15 सितंबर को ध्वजारोहण होगा। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 15 सितंबर को भगवान वेंकटेश्वर को रेशमी वस्त्र अर्पित करेंगे और पेड्डा शेष वाहन सेवा में भाग लेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. नए ₹2 लाख के बीमा के लिए कौन पात्र है?
यह बीमा उन श्रद्धालुओं के लिए है जिनकी तिरुमला यात्रा के दौरान प्राकृतिक कारणों से मृत्यु हो जाती है।
2. ब्रह्मोत्सवम कब शुरू होंगे?
उत्सव 14 सितंबर को अंकुरार्पणम के साथ शुरू होंगे और मुख्य कार्यक्रम 15 सितंबर से चलेंगे।