अमेरिकी साइबर सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है कि चीनी AI कंपनियां GPT, Claude और Gemini जैसे अमेरिकी मॉडलों की क्षमताओं को व्यवस्थित रूप से चुरा रही हैं।

  • चीनी AI फर्मों पर 'डिस्टिलेशन हमलों' के जरिए अमेरिकी AI क्षमताओं की नकल करने का आरोप है।
  • GPT, Claude, Gemini और Grok जैसे प्रमुख मॉडलों को निशाना बनाया गया।
  • अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, यह चीन की AI विकास रणनीति का मुख्य हिस्सा है।

सिलिकॉन वैली के AI प्रभुत्व को चुनौती देने वाले एक चौंकाने वाले खुलासे में, संयुक्त राज्य अमेरिका की साइबर सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने चीन स्थित AI कंपनियों पर मालिकाना कार्यात्मकताओं के व्यवस्थित निष्कर्षण (Systematic Extraction) का आरोप लगाया है। इस प्रक्रिया को 'मॉडल डिस्टिलेशन' कहा जाता है, जिसमें एक उच्च-प्रदर्शन वाले 'टीचर' मॉडल के आउटपुट का उपयोग करके एक छोटे 'स्टूडेंट' मॉडल को प्रशिक्षित किया जाता है।

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, यह गतिविधि किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि औद्योगिक पैमाने पर की जा रही है। GPT-4, Claude 3, Gemini और Grok जैसे फ्रंटियर मॉडलों को रणनीतिक प्रॉम्प्ट्स के माध्यम से क्वेरी करके, चीनी फर्में कथित तौर पर उनके आंतरिक तर्क और क्षमताओं का मानचित्र तैयार कर रही हैं ताकि बिना किसी मौलिक शोध के उनकी नकल की जा सके।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में एक मौलिक बदलाव है। यदि चीन अमेरिकी मॉडलों की बुद्धिमत्ता को सफलतापूर्वक 'डिस्टिल' कर लेता है, तो वह अरबों डॉलर की R&D लागत से बच सकता है। यह एक परजीवी संबंध बनाता है जहाँ अमेरिकी नवाचार सीधे तौर पर उसके वैश्विक प्रतिद्वंद्वी की वृद्धि को ईंधन दे रहा है।

"इस पैमाने पर मॉडल डिस्टिलेशन अनिवार्य रूप से एक API के माध्यम से की गई औद्योगिक जासूसी है, जो उत्पाद की उपयोगिता को ही उसकी कमजोरी बना देती है।"

इसके प्रभाव केवल कॉर्पोरेट मुनाफे तक सीमित नहीं हैं। चूंकि इन मॉडलों का उपयोग महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और रणनीतिक निर्णय लेने के लिए किया जाता है, इसलिए किसी विदेशी प्रतिद्वंद्वी द्वारा इन मॉडलों की सटीक नकल करने की क्षमता उन्हें अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के अवसर दे सकती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

AI को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव 2010 के दशक के अंत में 'AI आर्म्स रेस' के साथ शुरू हुआ था। जबकि अमेरिका ने जनरेटिव AI में बढ़त बनाई, चीन ने आक्रामक रूप से 'संप्रभु AI' लक्ष्यों का पीछा किया। NVIDIA चिप्स पर लगाए गए पिछले प्रतिबंधों का उद्देश्य चीन की प्रशिक्षण क्षमताओं को धीमा करना था, लेकिन डिस्टिलेशन ने एक चोर रास्ता (loophole) प्रदान किया है।

विशेषतामूल फ्रंटियर मॉडल (US)डिस्टिल्ड मॉडल (चीन)
R&D लागतअरबों डॉलरलागत का एक छोटा हिस्सा
कंप्यूट आवश्यकताविशाल GPU क्लस्टरकाफी कम
नवाचार स्रोतमौलिक शोधपैटर्न निष्कर्षण
क्या आप जानते हैं?: मॉडल डिस्टिलेशन एक वैध तकनीक है जिसका उपयोग डेवलपर्स AI को स्मार्टफोन पर चलाने के लिए करते हैं, लेकिन जब इसका उपयोग प्रतिस्पर्धियों की बौद्धिक संपदा चुराने के लिए किया जाता है, तो यह अनैतिक और अवैध हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिस्टिलेशन हमला क्या है? यह एक ऐसी विधि है जिसमें एक छोटे AI मॉडल को एक बड़े और अधिक शक्तिशाली AI के जवाबों का उपयोग करके प्रशिक्षित किया जाता है ताकि वह उसके व्यवहार की नकल कर सके।

किन मॉडलों को निशाना बनाया गया? मुख्य रूप से OpenAI के GPT, Anthropic के Claude, Google के Gemini और xAI के Grok को निशाना बनाया गया।