तमिलनाडु के 2,100 पुलिस स्टेशनों में से 1,071 में अब 18 महीने तक CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की क्षमता विकसित कर ली गई है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए उठाया गया है।
- तमिलनाडु के 2,100 में से 1,071 पुलिस स्टेशनों में 18 महीने का CCTV स्टोरेज उपलब्ध।
- प्रत्येक स्टेशन पर नाइट विजन और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग वाले 6 IP कैमरे लगाए जा रहे हैं।
- शेष 507 स्टेशनों के लिए जल्द ही अनुबंध दिए जाएंगे, जबकि 476 नए यूनिट्स में सिस्टम स्थापित होंगे।
तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (DGP) महेश कुमार अग्रवाल ने मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि राज्य के पुलिस स्टेशनों में CCTV फुटेज को 18 महीने तक सुरक्षित रखने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दी गई है। न्यायालय में दाखिल एक स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 2,100 में से 1,071 पुलिस स्टेशनों में यह कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक पुलिस स्टेशन को छह इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) कैमरों से लैस किया जा रहा है, जिनमें नाइट विजन, ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा है। इन कैमरों को रणनीतिक स्थानों जैसे रिसेप्शन, बरामदा, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के केबिन, लॉक-अप रूम और राइटर डेस्क पर लगाया जा रहा है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, पुलिस स्टेशनों में लंबे समय तक फुटेज का संग्रहण हिरासत में होने वाली हिंसा (Custodial Violence) को रोकने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब फुटेज केवल 15-45 दिनों के लिए उपलब्ध होता है, तो पुराने मामलों की जांच और साक्ष्यों का मिलान करना लगभग असंभव हो जाता है। 18 महीने की समय सीमा कानूनी जवाबदेही को सुनिश्चित करती है।
"CCTV निगरानी प्रणालियों का आधुनिकीकरण न केवल अपराध जांच में मदद करता है, बल्कि पुलिस बल और जनता के बीच विश्वास के सेतु का निर्माण भी करता है।"
ऐतिहासिक रूप से, तमिलनाडु के 1,624 स्टेशनों में 2013 से 2022 के बीच कैमरे लगाए गए थे, लेकिन उनका स्टोरेज केवल 15 से 45 दिनों का था। सुप्रीम कोर्ट के 2021 के निर्देश के बाद, राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 में वित्तीय मंजूरी प्रदान की। वर्तमान में, ELCOT (इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ तमिलनाडु) के माध्यम से यह कार्य किया जा रहा है।
अदालत ने यह रिपोर्ट वरिष्ठ वकील आर. Shunmugasundaram की शिकायत के बाद मांगी थी, जिन्होंने कोयंबटूर के सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यालय (DVAC) द्वारा फुटेज न रखने का मुद्दा उठाया था। हालांकि, DGP ने स्पष्ट किया कि DVAC उनके अधीन नहीं बल्कि मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) विभाग के अंतर्गत आता है।
| विवरण | पुराना सिस्टम (2013-2022) | नया सिस्टम (2025-26) |
|---|---|---|
| स्टोरेज अवधि | 15 से 45 दिन | 18 महीने |
| कैमरा प्रकार | सामान्य CCTV | IP कैमरे (नाइट विजन + ऑडियो) |
| कवरेज | सीमित | रिसेप्शन, लॉक-अप, केबिन आदि |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: कितने पुलिस स्टेशनों में काम पूरा हो चुका है?
उत्तर: अब तक 2,100 में से 1,071 पुलिस स्टेशनों में 18 महीने के स्टोरेज की सुविधा पूरी हो चुकी है।
प्रश्न 2: यह परियोजना कौन लागू कर रहा है?
उत्तर: यह पूरी परियोजना ELCOT (इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ तमिलनाडु) के माध्यम से निष्पादित की जा रही है।