मानसून की समाप्ति के साथ ही मुंबई में वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। इसे रोकने के लिए BMC ने ARAI के साथ मिलकर पूरे MMR क्षेत्र में प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स की पहचान शुरू कर दी है।

  • BMC और ARAI पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के लिए प्रदूषण उत्सर्जन का हाई-रिज़ॉल्यूशन इन्वेंटरी तैयार कर रहे हैं।
  • इस परियोजना का लक्ष्य 'एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम' (AQEWS) और 'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' (DSS) बनाना है।
  • मौसमी बदलावों को समझने के लिए यह अध्ययन एक वर्ष से अधिक समय तक चलेगा।

जैसे-जैसे मुंबई में मानसून की विदाई का समय करीब आ रहा है, शहरवासियों के बीच वायु गुणवत्ता (Air Quality) गिरने की चिंता बढ़ गई है। इस समस्या से निपटने के लिए, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) के साथ मिलकर मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में प्रदूषण उत्सर्जन के स्रोतों की पहचान करने के लिए फील्ड रिसर्च शुरू की है।

इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में प्रदूषण के 'हॉटस्पॉट्स' की पहचान करना है। इससे क्षेत्र में वायु गुणवत्ता के लिए एक पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने में मदद मिलेगी। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, हमारा वातावरण गतिशील है और प्रदूषण के स्रोत तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए एक नई शमन योजना (Mitigation Plan) के लिए सटीक डेटा अनिवार्य है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले चार वर्षों में मुंबई का प्रदूषण प्रोफाइल काफी बदल गया है। 2019 के अध्ययन में आवासीय क्षेत्रों और वाहनों को मुख्य प्रदूषक माना गया था, लेकिन अब शहरी विस्तार और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने नए स्रोत पैदा कर दिए हैं। बीएमसी अब 'एयर-शेड' आधारित दृष्टिकोण अपना रही है, जिसका अर्थ है कि वे पूरे क्षेत्र को एक इकाई मानकर प्रदूषण पर नियंत्रण करेंगे।

इस शोध से प्राप्त डेटा का उपयोग पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) द्वारा विकसित एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) और डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के लिए किया जाएगा। यह सिस्टम अधिकारियों को समय रहते अलर्ट देगा ताकि प्रदूषण बढ़ने से पहले कदम उठाए जा सकें।

"हमारा वातावरण गतिशील है, और प्रदूषण के स्रोत तेजी से विकसित हो रहे हैं। एक नई शमन योजना तैयार करने के लिए उत्सर्जन के स्रोतों की पहचान करना महत्वपूर्ण है।"

मौसमी बदलावों को समझने के लिए, यह अध्ययन एक वर्ष से अधिक समय तक चलेगा। इसमें गर्मियों, सर्दियों और मानसून के दौरान उत्सर्जन पैटर्न में होने वाले बदलावों का विश्लेषण किया जाएगा, क्योंकि सर्दियों में अक्सर हवा की गति कम होने से प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक बढ़ जाता है।

विशेषता 2019 का अध्ययन वर्तमान (2025-26) अध्ययन
दायरा केवल मुंबई शहर संपूर्ण MMR (मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे)
दृष्टिकोण क्षेत्रीय विश्लेषण एयर-शेड आधारित दृष्टिकोण
लक्ष्य ग्रीनहाउस गैस स्रोतों की पहचान अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS)
क्या आप जानते हैं?: 'एयर-शेड' एक ऐसा भौगोलिक क्षेत्र होता है जहाँ हवा साझा की जाती है, जिसका अर्थ है कि आपके शहर की हवा की गुणवत्ता पड़ोसी जिले की गतिविधियों पर भी निर्भर करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: AQEWS क्या है?
यह एक पूर्व चेतावनी प्रणाली है जो वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक पहुँचने से पहले अधिकारियों और नागरिकों को सचेत करेगी।

प्रश्न 2: इस शोध में कौन से संस्थान शामिल हैं?
बीएमसी, डेटा संग्रह के लिए ARAI और सिस्टम विकास के लिए IITM पुणे के साथ मिलकर काम कर रही है।