तमिलनाडु विधानसभा के पूर्व स्पीकर एम. अप्पू ने मुख्यमंत्री विजय पर ड्रग तस्करी और कानून-व्यवस्था के सवालों से बचने और सदन में 'गलत' रिपोर्ट पढ़ने का गंभीर आरोप लगाया है।
- पूर्व स्पीकर एम. अप्पू ने सीएम विजय पर तमिलनाडु में ड्रग्स की समस्या पर स्पष्ट जवाब न देने का आरोप लगाया।
- अप्पू ने मुख्यमंत्री द्वारा उद्धृत 'सरकारिया आयोग' की रिपोर्ट की वैधता पर सवाल उठाते हुए इसे झूठ बताया।
- राज्य में बढ़ते अपराधों और TVK सदस्यों के आचरण पर मुख्यमंत्री की चुप्पी की आलोचना की गई।
एक उच्च-स्तरीय राजनीतिक विवाद में, तमिलनाडु विधानसभा के पूर्व स्पीकर एम. अप्पू ने मुख्यमंत्री विजय द्वारा दिए गए हालिया संबोधन पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। सोशल मीडिया के माध्यम से, अप्पू ने सीएम की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान राज्य की गंभीर सुरक्षा और सामाजिक समस्याओं के प्रति 'गैर-जिम्मेदार' रवैया अपनाया है।
विवाद का मुख्य बिंदु तमिलनाडु के छात्रों के बीच बढ़ता नशीली दवाओं का चलन है। अप्पू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राज्य में गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री को रोकने के लिए कोई ठोस रोडमैप पेश करने में विफल रहे। पूर्व स्पीकर के अनुसार, सीएम का यह कहना कि ये समस्याएं वर्षों पुरानी हैं और 100 दिनों में पैदा नहीं हुईं, केवल जवाबदेही से बचने का एक तरीका था।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह टकराव नए प्रशासनिक नेतृत्व और अनुभवी राजनीतिक दिग्गजों के बीच बढ़ती खाई का संकेत है। सीएम की वाकपटुता को 'सिनेमाई' बताना और उसे 'राजनेता' जैसा न मानना यह दर्शाता है कि विधायी क्षेत्र में पारंपरिक राजनीतिक विमर्श और नए मीडिया-केंद्रित दृष्टिकोण के बीच संघर्ष चल रहा है।
विवाद को और बढ़ाते हुए, अप्पू ने सरकारिया आयोग की रिपोर्ट का हवाला देने पर मुख्यमंत्री की बौद्धिक ईमानदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट के जिन बिंदुओं का उल्लेख किया गया, वे दशकों पहले गलत साबित हो चुके थे और ऐसी रिपोर्ट को विधानसभा में पढ़ना 'शर्मनाक' है।
सिनेमा से मुख्यमंत्री कार्यालय तक का सफर प्रदर्शन से नीति की ओर बदलाव की मांग करता है; इस अंतर को न पा सकने से विधायी टकराव पैदा होता है।
पूर्व स्पीकर ने कैबिनेट की एक महिला सदस्य द्वारा 'लक्ष्मण' नामक व्यक्ति को कथित तौर पर धमकी देने के मामले को भी उठाया और पूछा कि ऐसे विवादों पर विधानसभा में चर्चा क्यों नहीं की गई। उन्होंने TVK के उन सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं, और तर्क दिया कि केवल 'FIR दर्ज कर ली गई है' कहना जनता को धोखा देना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: एम. अप्पू सरकारिया आयोग के संदर्भ की आलोचना क्यों कर रहे हैं?
अप्पू का दावा है कि सीएम विजय द्वारा उद्धृत रिपोर्ट के विशिष्ट हिस्से वर्षों पहले गलत साबित हो चुके थे।
प्रश्न 2: कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्य शिकायतें क्या हैं?
मुख्य शिकायतों में ड्रग तस्करी रोकने में विफलता, हत्या और यौन उत्पीड़न की बढ़ती दरें, और पार्टी समर्थकों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के आरोप शामिल हैं।