मलप्पुरम के एक 26 वर्षीय युवक को पहलगाम हमले के पीड़ित की बेटी के वीडियो पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और राष्ट्रविरोधी समूहों के साथ साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
- मुहम्मद सनूफ को पहलगाम हमले के पीड़ित की बेटी के वीडियो पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया गया।
- जांच में सिग्नल मैसेजिंग ऐप के माध्यम से राष्ट्रविरोधी समूहों के साथ संबंधों का खुलासा हुआ।
- भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के आरोप में UAPA और BNS के तहत मामला दर्ज।
केरल आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मलप्पुरम के ऐक्करापडी निवासी 26 वर्षीय मुहम्मद सनूफ की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। यह मामला एक साधारण सोशल मीडिया टिप्पणी से शुरू हुआ था, लेकिन अब यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवादी साजिश के एक बड़े जाल में बदल गया है।
घटनाक्रम की शुरुआत पिछले साल हुई जब इडुक्की जिले की मुट्टम पुलिस ने सनूफ के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उस पर आरोप था कि उसने कोच्चि निवासी एन रामचंद्रन की बेटी के वीडियो के नीचे आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिन्हें पहलगाम आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस घृणास्पद कृत्य के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) को लागू किया।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला एक खतरनाक प्रवृत्ति को दर्शाता है जहां सोशल मीडिया पर की गई 'ट्रोलिंग' या अपमानजनक टिप्पणियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए गहरे और संगठित राष्ट्रविरोधी नेटवर्क का पता लगाने का जरिया बन रही हैं। एक हेट-स्पीच मामले का 'राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने' के आरोप में बदलना सबूतों की गंभीरता को दर्शाता है।
सनूफ के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के दौरान, जांचकर्ताओं को एक एन्क्रिप्टेड सिग्नल मैसेजिंग ग्रुप में उसकी संलिप्तता मिली। संदेह है कि यह समूह भारत के विभिन्न हिस्सों में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। सनूफ, जिसे जुलाई में सऊदी अरब से लौटने के बाद करीपुर हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था, अब इस नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का उपयोग राज्य ATS इकाइयों द्वारा अधिक परिष्कृत डिजिटल फोरेंसिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
ATS ने अब इस जांच का दायरा बढ़ा दिया है और अज़हरी कुरैशी, फैजान मोहम्मद, शाहीर, शोएब अहमद और इब्न अहमद जैसे अन्य संदिग्धों को भी नामजद किया है। माना जा रहा है कि ये लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से काम कर रहे हैं, और उनकी तलाश में देशव्यापी छापेमारी की जा रही है।
कानूनी कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ी है और एर्नाकुलम अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय ने सनूफ को 18 सितंबर तक ATS हिरासत में भेज दिया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 148 और 149 के तहत आरोप लगाए गए हैं, जो विशेष रूप से भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश से संबंधित हैं, साथ ही UAPA की धारा 18 और 18B भी लगाई गई है।
केरल ATS ने इस मामले की जानकारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को दे दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह समूह देश में किसी आतंकवादी गतिविधि में पहले से शामिल था या किसी बड़े हमले की योजना बना रहा था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: व्यक्ति की शुरुआत में जांच क्यों की गई थी?
उसकी जांच पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ित की बेटी के वीडियो पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के कारण की गई थी।
प्रश्न 2: इस मामले में कौन से कानून लागू किए गए हैं?
आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत युद्ध छेड़ने की साजिश और UAPA के तहत आतंकवादी भर्ती और साजिश के आरोप लगाए गए हैं।