पुणे हवाई अड्डे के पुराने टर्मिनल का आधुनिक नवीनीकरण कार्य पूरा हो गया है, जिससे प्रति घंटे यात्री संभालने की क्षमता में 405 यात्रियों की वृद्धि होगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने नई सुविधाओं का निरीक्षण किया।

  • पुणे हवाई अड्डे की यात्री क्षमता प्रति घंटा 405 यात्रियों तक बढ़ेगी।
  • पुराने टर्मिनल के नवीनीकरण में चेक-इन, सुरक्षा जांच और होल्ड एरिया का विस्तार किया गया है।
  • डिजी यात्रा (Digi Yatra) और आधुनिक बेबी केयर रूम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

पुणे हवाई अड्डे पर यात्रियों की बढ़ती संख्या और पीक आवर्स के दौरान होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुराने टर्मिनल का पूरी तरह से मेकओवर किया गया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने हाल ही में विस्तारित चेक-इन और सुरक्षा होल्ड क्षेत्र का निरीक्षण किया। यह परियोजना यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और हवाई अड्डे पर होने वाले जमावड़े को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

नवीनीकरण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब केवल नौ विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) की अंतिम अनुमति का इंतज़ार है। जैसे ही यह मंजूरी मिलेगी, इस विस्तारित टर्मिनल क्षेत्र को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस विस्तार से न केवल चेक-इन प्रक्रिया तेज़ होगी, बल्कि सुरक्षा जांच के दौरान लगने वाली लंबी कतारों में भी महत्वपूर्ण कमी आएगी।

नवीनीकरण की मुख्य विशेषताएं

इस नवीनीकरण परियोजना के तहत कुल 4,075 वर्ग मीटर क्षेत्र को विकसित किया गया है। इसमें चेक-इन काउंटर, प्री-एम्बार्केशन सुरक्षा जांच (PESC) और सुरक्षा होल्ड एरिया (SHA) शामिल हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 14 नए चेक-इन काउंटर स्थापित किए गए हैं और दो नए बोर्डिंग गेट (6A और 6B) बनाए गए हैं।

व्यावसायिक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। रिटेल आउटलेट्स के लिए 66.40 वर्ग मीटर और खाद्य एवं पेय पदार्थों (F&B) के लिए 70.13 वर्ग मीटर का स्थान आवंटित किया गया है। इसके अलावा, छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले अभिभावकों के लिए डायपर बदलने के स्टेशन और गर्म-ठंडे पानी की सुविधा वाले बेबी केयर रूम बनाए गए हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि पुणे जैसे तेजी से बढ़ते आईटी और शैक्षिक केंद्र के लिए हवाई अड्डे की क्षमता बढ़ाना अनिवार्य था। बुनियादी ढांचे का यह अपग्रेड न केवल स्थानीय यात्रियों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि यह पुणे की वैश्विक कनेक्टिविटी और व्यावसायिक छवि को भी मजबूत करता है।

पुणे हवाई अड्डे का यह विस्तार केवल बुनियादी ढांचे का सुधार नहीं है, बल्कि यह शहर की आर्थिक वृद्धि और बढ़ते हवाई यातायात के दबाव को प्रबंधित करने की एक रणनीतिक आवश्यकता है।

परियोजना के तकनीकी पहलुओं की बात करें तो राज्य अग्निशमन विभाग ने 9 मई को एनओसी प्रदान की थी, जिसके बाद 22 जुलाई को ORAT (ऑपरेशनल रेडिनेस एंड एयरपोर्ट ट्रांसफर) अभ्यास पूरा किया गया। अंतिम सुरक्षा निरीक्षण 30 और 31 जुलाई को संपन्न हुआ।

क्या आप जानते हैं?: डिजी यात्रा (Digi Yatra) एक फेस-रिकग्निशन आधारित प्रणाली है जो यात्रियों को बिना भौतिक दस्तावेज़ दिखाए हवाई अड्डे पर तेज़ और पेपरलेस प्रवेश की अनुमति देती है।

Frequently Asked Questions

1. नवीनीकरण के बाद यात्री क्षमता में कितनी वृद्धि होगी?
इस नवीनीकरण से पुणे हवाई अड्डे की यात्री संभालने की क्षमता प्रति घंटे लगभग 405 यात्रियों तक बढ़ जाएगी।

2. नया टर्मिनल जनता के लिए कब खुलेगा?
सभी तकनीकी कार्य और सुरक्षा निरीक्षण पूरे हो चुके हैं; अब केवल BCAS की अंतिम मंजूरी का इंतज़ार है, जिसके तुरंत बाद इसे खोल दिया जाएगा।