गुरुग्राम में नगर निगम की बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ हजारों स्ट्रीट वेंडर्स ने जोरदार प्रदर्शन किया। सिटू (CITU) के नेतृत्व में वेंडर्स ने अपनी आजीविका की सुरक्षा और स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के कार्यान्वयन की मांग की है।
- गुरुग्राम नगर निगम द्वारा की गई कथित मनमानी बेदखली और बुलडोजर कार्रवाई का विरोध।
- स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग विनियमन) अधिनियम, 2014 के उल्लंघन का आरोप।
- टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) की पिछले तीन वर्षों से बैठक न होने पर गंभीर सवाल।
- नगर आयुक्त के साथ 16 सितंबर को समाधान के लिए बैठक निर्धारित।
हरियाणा के गुरुग्राम में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स और श्रमिकों ने नगर आयुक्त के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) और रेहड़ी-पटरी मजदूर यूनियन के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में शहर के विभिन्न हिस्सों से आए वेंडर्स ने एक विशाल जुलूस निकाला और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा की जा रही 'बुलडोजर कार्रवाई' न केवल उनके सामान को नष्ट कर रही है, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर सीधा प्रहार कर रही है। यूनियन नेताओं का कहना है कि जब सरकार पर्याप्त रोजगार के अवसर प्रदान करने में विफल रही है, तो स्वरोजगार करने वाले लोगों की आजीविका छीनना अन्यायपूर्ण है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मुद्दा केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं है, बल्कि शहरी नियोजन और कानूनी अधिकारों के बीच के टकराव का है। जब प्रशासन बिना उचित पुनर्वास के 'बुलडोजर मॉडल' अपनाता है, तो यह सामाजिक असंतोष को जन्म देता है। स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 स्पष्ट रूप से वेंडर्स के अधिकारों की रक्षा करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कार्यान्वयन बेहद कमजोर नजर आता है।
यूनियन नेताओं ने उल्लेख किया कि अधिनियम के अनुसार, शहर की जनसंख्या का 2.5% हिस्सा स्ट्रीट वेंडर्स हो सकता है। गुरुग्राम में लगभग 40,000 वेंडर्स की पहचान की गई थी और उनके लिए वेंडिंग जोन भी निर्धारित किए गए थे, लेकिन आरोप है कि अब उन्हीं जोन को ध्वस्त किया जा रहा है।
"कानून का उद्देश्य शहरी व्यवस्था बनाना है, न कि गरीब तबके को सड़क से पूरी तरह मिटा देना; पुनर्वास के बिना बेदखली मानवाधिकारों का उल्लंघन है।"
एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया कि टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC), जिसे हर तीन महीने में मिलना चाहिए, उसने पिछले तीन साल से कोई बैठक नहीं की है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि लंबित वेंडिंग प्रमाणपत्रों का समयबद्ध निपटान किया जाए और PM-SVANidhi लाभार्थियों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: स्ट्रीट वेंडर्स ने मुख्य रूप से किन मांगों को रखा है?
उत्तर: मुख्य मांगों में मनमानी बेदखली रोकना, नए वेंडिंग जोन बनाना, लंबित प्रमाणपत्रों का निपटान और TVC की तत्काल बैठक बुलाना शामिल है।
प्रश्न 2: प्रशासन ने इस विरोध पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
उत्तर: नगर आयुक्त ने यूनियन प्रतिनिधियों के साथ 16 सितंबर को एक बैठक निर्धारित की है ताकि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर चर्चा की जा सके।