चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग लगभग सात वर्षों के अंतराल के बाद नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत आ रहे हैं। इस उच्च-स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चाएं होने की उम्मीद है।
- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत का दौरा करेंगे।
- नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है।
- पीएम मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के बीच अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ताएं होंगी।
- सम्मेलन का मुख्य विषय 'समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना' है।
भारत की राजधानी नई दिल्ली एक बार फिर वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनने जा रही है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग लगभग सात साल के लंबे अंतराल के बाद भारत की धरती पर कदम रखने वाले हैं। वे शनिवार और रविवार को आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस आयोजन की महत्ता इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह ब्रिक्स के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के समय हो रहा है।
इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित दुनिया के कई शक्तिशाली राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जिनपिंग और पुतिन के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें निर्धारित हैं। विशेष रूप से भारत और चीन के बीच सीमा विवादों और तनावपूर्ण संबंधों के बीच जिनपिंग की यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this summit occurs at a critical geopolitical juncture. With the Russia-Ukraine conflict and tensions in West Asia, the world is looking for a stable multipolar order. The interaction between the two Asian giants, India and China, could potentially reset the diplomatic tone for the entire region, moving from confrontation toward strategic stability.
The success of the New Delhi Declaration will depend on whether member nations can bridge the gap between their conflicting national interests and a shared vision of global reform.
सम्मेलन के पहले दिन 'समावेशी वैश्विक शासन' पर चर्चा होगी, जिसके बाद नेता 'भारत इनोवेट्स एग्जीबिशन' का दौरा करेंगे। दूसरे दिन आधिकारिक समूह फोटो और मुख्य सत्र के बाद 'नई दिल्ली घोषणापत्र' जारी किया जाएगा। इस बार सम्मेलन में ईरान, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और मिस्र जैसे देशों के नेता भी शामिल हो रहे हैं, जो ब्रिक्स के विस्तार को दर्शाता है।
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है। लगभग 15,000 पुलिसकर्मी और 200 अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। हवाई अड्डों, होटलों और भारत मंडपम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या बांग्लादेश के प्रधानमंत्री इस सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं?
नहीं, बांग्लादेश ने स्पष्ट किया है कि उनके प्रधानमंत्री तारिक रहमान इस सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे क्योंकि उन्हें उचित निमंत्रण नहीं मिला था।
इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार, व्यापार संबंधों को मजबूत करना और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना है।