भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपनी 'सॉफ्ट पावर' का प्रदर्शन करते हुए दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं को हैदराबादी बिरयानी से लेकर बिहार के सत्तू तक, भारत की विविध पाक कला का स्वाद चखाएगा।

  • मेन्यू में हैदराबादी बिरयानी, लखनऊ के गलौटी कबाब और तमिलनाडु के मुरुक्कू जैसे क्षेत्रीय व्यंजन शामिल हैं।
  • मेहमानों को दिए जाने वाले 'गुडी बैग्स' में बिहार का सत्तू, ओडिशा की कॉफी और गुजराती दुपट्टे जैसे स्थानीय उत्पाद होंगे।
  • भोजन के माध्यम से भारत की 'विविधता में एकता' और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है।

भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन केवल कूटनीतिक चर्चाओं का केंद्र नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और स्वाद के वैश्विक प्रदर्शन का एक बड़ा मंच बन गया है। भारत सरकार ने इस बार के मेन्यू को इस तरह से डिजाइन किया है कि इसमें उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक के हर राज्य की झलक मिले।

भोजन की सूची में हैदराबादी बिरयानी और लखनऊ के प्रसिद्ध गलौटी कबाब जैसे शाही व्यंजन शामिल हैं, जो नवाबी संस्कृति को दर्शाते हैं। वहीं, पुरानी दिल्ली के मैदा काजू, भाकरवड़ी और कचौड़ी जैसे स्ट्रीट फूड के जरिए भारत की शहरी जीवंतता को पेश किया जाएगा। दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपमा और तमिलनाडु का मुरुक्कू परोसा जाएगा, जबकि बंगाल की निमकी पूर्वी भारत की मिठास और नमकीन का स्वाद लाएगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भोजन केवल पोषण के लिए नहीं, बल्कि एक रणनीतिक उपकरण के रूप में उपयोग किया जाता है। इसे 'गैस्ट्रो-डिप्लोमेसी' (Gastro-diplomacy) कहा जाता है। जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग जैसे नेता भारतीय व्यंजनों का स्वाद लेंगे, तो यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और 'अतिथि देवो भव' की भावना को मजबूती से स्थापित करेगा।

"भोजन एक ऐसी वैश्विक भाषा है जो बिना शब्दों के देशों के बीच सेतु का काम करती है, और ब्रिक्स मेन्यू भारत की समावेशी पहचान का प्रतिबिंब है।"

भोजन के अलावा, मेहमानों के लिए विशेष 'गुडी बैग्स' तैयार किए गए हैं। इन बैग्स में बिहार का प्रसिद्ध सत्तू और मखाना, ओडिशा की सुगंधित कॉफी और गुजरात की पारंपरिक हस्तशिल्प कला का नमूना, गुजराती दुपट्टा शामिल है। बिहार के मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है, क्योंकि इससे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

क्षेत्रविशेष व्यंजन/उत्पादसांस्कृतिक महत्व
उत्तर भारतगलौटी कबाब, कचौड़ीनवाबी और शहरी स्वाद
दक्षिण भारतउपमा, मुरुक्कूपारंपरिक सादगी
पूर्व भारतसत्तू, निमकी, मखानाप्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक
पश्चिम भारतभाकरवड़ी, गुजराती दुपट्टाकला और स्वाद का संगम
क्या आप जानते हैं?: 'गैस्ट्रो-डिप्लोमेसी' एक ऐसी रणनीति है जिसमें देश अपने भोजन का उपयोग अन्य देशों के साथ संबंध सुधारने और अपनी छवि बेहतर बनाने के लिए करते हैं।

Frequently Asked Questions

1. ब्रिक्स सम्मेलन में कौन-कौन से मुख्य व्यंजन परोसे जा रहे हैं?
मेन्यू में हैदराबादी बिरयानी, लखनऊ के गलौटी कबाब, तमिलनाडु का मुरुक्कू और बंगाल की निमकी जैसे व्यंजन शामिल हैं।

2. मेहमानों को उपहार स्वरूप क्या दिया जा रहा है?
मेहमानों को गुडी बैग्स दिए जा रहे हैं जिनमें बिहार का सत्तू-मखाना, ओडिशा की कॉफी और गुजराती दुपट्टे शामिल हैं।