कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (KSPCB) के अध्यक्ष श्रीनिवासुलु ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन अब केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर व्यावसायिक और आर्थिक जोखिम बन चुका है।

  • जलवायु परिवर्तन अब एक पर्यावरणीय चिंता से बढ़कर एक व्यावसायिक और आर्थिक जोखिम बन गया है।
  • बोर्डरूम के निर्णयों में 'क्लाइमेट इंटेलिजेंस' को पूंजी और श्रम के समान महत्व दिया जाना चाहिए।
  • ESG (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) अब केवल अनुपालन नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास की नींव है।

बेंगलुरु में आयोजित CII कर्नाटक ESG शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान, कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (KSPCB) के अध्यक्ष श्रीनिवासुलु ने एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जलवायु परिवर्तन अब केवल पर्यावरणविदों या विकास विशेषज्ञों की चिंता का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे तौर पर व्यवसायों की आर्थिक स्थिरता और लाभप्रदता को प्रभावित कर रहा है।

श्रीनिवासुलु ने उद्योग जगत के नेताओं से आग्रह किया कि 'क्लाइमेट इंटेलिजेंस' (जलवायु बुद्धिमत्ता) को 'बिजनेस इंटेलिजेंस' में बदला जाना चाहिए। उनके अनुसार, जब कंपनियां भूमि, श्रम, पूंजी और वित्त जैसे बुनियादी संसाधनों पर निर्णय लेती हैं, तो जलवायु संबंधी विचारों को भी बोर्डरूम की चर्चाओं में समान रूप से शामिल किया जाना चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कॉर्पोरेट जगत अब उस मोड़ पर है जहां स्थिरता (Sustainability) एक विकल्प नहीं बल्कि उत्तरजीविता की शर्त है। जब जलवायु जोखिमों को आर्थिक जोखिमों के रूप में देखा जाता है, तो निवेश के तरीके बदलते हैं। यह बदलाव कंपनियों को केवल लाभ कमाने के बजाय 'लचीलापन' (Resilience) विकसित करने के लिए मजबूर करता है, जो भविष्य के बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता तय करेगा।

"ESG अब केवल एक अनुपालन आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह दीर्घकालिक व्यावसायिक स्थिरता और विकास की आधारशिला बन गया है।"

शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, वोल्वो ग्रुप के प्रबंध निदेशक और CII दक्षिणी क्षेत्र के अध्यक्ष कमल बाली ने कहा कि ESG अब आकांक्षाओं से निकलकर निष्पादन (Execution) की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि भू-राजनीतिक बदलाव, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान जैसे कारक जलवायु परिवर्तन से गहराई से जुड़े हुए हैं।

वहीं, केन्नामेटल इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विजयकृष्णन वेंकटेशन और बॉश लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गुरुप्रसाद मुदलापुर ने इस बात पर सहमति जताई कि ESG को केवल एक अलग विभाग या फंक्शन तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे दैनिक व्यावसायिक प्रथाओं में एकीकृत करना अनिवार्य है।

मुदलापुर ने आगे कहा कि ESG अब केवल जोखिम प्रबंधन का एजेंडा नहीं रहा, बल्कि यह एक 'अवसर एजेंडा' बन गया है। यह नए बाजारों, नई तकनीकों और नवीन व्यावसायिक मॉडलों के निर्माण के द्वार खोल रहा है, जो पर्यावरण के अनुकूल और आर्थिक रूप से व्यवहार्य हों।

क्या आप जानते हैं?: ESG का अर्थ है Environmental (पर्यावरण), Social (सामाजिक), और Governance (शासन), जिसका उपयोग निवेशक कंपनियों की स्थिरता और नैतिक प्रभाव को मापने के लिए करते हैं।

Frequently Asked Questions

1. ESG शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य व्यवसायों को जलवायु-लचीला और प्रतिस्पर्धी बनाना था, ताकि वे ESG प्रतिबद्धताओं को वास्तविक कार्यों में बदल सकें।

2. 'क्लाइमेट इंटेलिजेंस' का व्यावसायिक संदर्भ में क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है जलवायु डेटा और जोखिमों का उपयोग करके रणनीतिक व्यावसायिक निर्णय लेना ताकि भविष्य के नुकसान से बचा जा सके।