1997 के बाद सबसे शक्तिशाली एल नीनो के कारण तेलंगाना में मानसून बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सितंबर में 79% की भारी बारिश की कमी दर्ज की गई है, लेकिन अब बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से राहत की उम्मीद है।

  • तेलंगाना में कुल वर्षा में 24% की कमी आई है, 33 में से 20 जिले प्रभावित हैं।
  • वर्तमान एल नीनो की तीव्रता (1.8°C) 1997 के सूखे जैसी स्थितियों की याद दिलाती है।
  • सितंबर का महीना सबसे विनाशकारी रहा, जिसमें 79% बारिश की कमी दर्ज की गई।
  • बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र अगले तीन दिनों में 'अच्छी' बारिश ला सकता है।

तेलंगाना राज्य वर्तमान में लगभग तीन दशकों में अपने सबसे चुनौतीपूर्ण मानसून सीजन का सामना कर रहा है। तेलंगाना डेवलपमेंट प्लानिंग सोसाइटी (TGDPS) के मौसम विज्ञानियों के अनुसार, क्षेत्र एक शक्तिशाली एल नीनो (El Niño) घटना के प्रभाव में है, जिसने दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदर्शन को काफी कमजोर कर दिया है।

वर्तमान संकट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। अब तक राज्य में सामान्य 64 सेमी के मुकाबले केवल 48.8 सेमी बारिश हुई है, जिसका अर्थ है 24% की कुल कमी। जैसे-जैसे सीजन आगे बढ़ा, स्थिति और बिगड़ती गई; जून और जुलाई में कमी मामूली थी, लेकिन अगस्त में यह 38% तक पहुंच गई। सितंबर का महीना सबसे गंभीर रहा है, जहां राज्य के कई हिस्सों में बारिश लगभग न के बराबर रही, जिससे 79% की भारी कमी दर्ज की गई है।

ऐतिहासिक संदर्भ: 1997 की पुनरावृत्ति

वरिष्ठ मौसम सलाहकार वाई.वी. रामा राव ने बताया कि वर्तमान जलवायु स्थितियां 1997 के समान हैं। उस वर्ष भी तेलंगाना ने इसी तरह के मजबूत एल नीनो का अनुभव किया था, जिससे मानसून वर्षा में 33% की कमी आई थी। वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान की विसंगतियां लगभग 1.8°C तक पहुंच गई हैं, जो 1.5°C की उस सीमा को पार कर गई हैं जिसे 'मजबूत' एल नीनो माना जाता है।

तेलंगाना में मानसून का वर्तमान प्रदर्शन तेजी से 1997 के सूखा-प्रवण पैटर्न जैसा होता जा रहा है, जिसे प्रशांत महासागर की गर्मी ने और बढ़ा दिया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बारिश की कमी केवल एक कृषि संकट नहीं है, बल्कि एक प्रणालीगत पर्यावरणीय खतरा है। लंबे समय तक साफ आसमान रहने के कारण दिन का तापमान सामान्य से 3°C से 4°C अधिक रहा है, जिसमें अधिकतम तापमान 38°C तक पहुंच गया है। हैदराबाद में अब तक 27% की कमी दर्ज की गई है, जिससे जल संसाधनों पर भारी दबाव पड़ा है।

मापदंडवर्तमान सीजन (2026)ऐतिहासिक (1997/2014)
कुल कमी24%33% (1997) / 29% (2014)
सितंबर कमी79%16% (2014)
प्रशांत विसंगति~1.8°Cमजबूत एल नीनो

इन निराशाजनक आंकड़ों के बावजूद, राहत की एक किरण दिखाई दे रही है। बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके छत्तीसगढ़ और गुजरात की ओर बढ़ने की उम्मीद है। इससे अगले तीन दिनों में तेलंगाना में आवश्यक बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 22 सितंबर के बाद एक और प्रणाली विकसित होने की संभावना है, जो अक्टूबर के पहले सप्ताह तक बारिश ला सकती है।

क्या आप जानते हैं?: इंडियन ओशन डिपोल (IOD) कभी-कभी एल नीनो वर्षों के दौरान भी बारिश लाकर 'रक्षक' की भूमिका निभा सकता है, हालांकि इसका लाभ पूरे भारत में समान रूप से नहीं मिलता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: एल नीनो तेलंगाना को इतनी बुरी तरह क्यों प्रभावित कर रहा है?
एल नीनो में मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर का गर्म होना शामिल है, जो वैश्विक मौसम पैटर्न को बाधित करता है और आमतौर पर भारतीय दक्षिण-पश्चिम मानसून को कमजोर करता है।

प्रश्न 2: तेलंगाना में सूखे से राहत कब तक मिलने की उम्मीद है?
अगले तीन दिनों में तत्काल राहत की उम्मीद है, और सितंबर के अंत से अक्टूबर की शुरुआत तक व्यापक बारिश की भविष्यवाणी की गई है।