महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने रिश्तेदारों के विवरण में विसंगतियों के कारण 1.22 करोड़ मतदाताओं को फ्लैग किया है। प्रशासन का दावा है कि बिना सुनवाई के किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा।

  • 1.22 करोड़ मतदाता चिन्हित: 62.48 लाख में रिश्तेदारों के विवरण की गड़बड़ी और 59.75 लाख का पिछले रिकॉर्ड से मिलान नहीं।
  • ड्राफ्ट रोल में मतदाताओं की संख्या 9.78 करोड़ से घटकर 7.71 करोड़ रह गई है।
  • नाम हटाने से पहले व्यक्तिगत नोटिस और सुनवाई अनिवार्य है।
  • बिना सबूत के किसी भी बाहरी आपत्ति पर नाम नहीं हटाया जाएगा।

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान लगभग 1.22 करोड़ मतदाता रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई हैं। इनमें से 62,48,281 मतदाताओं के रिश्तेदारों के विवरण में अंतर है, जबकि 59,75,726 मतदाताओं को पिछले चुनावी रोल में किसी रिश्तेदार के साथ मैप नहीं किया जा सका।

इतनी बड़ी संख्या में गड़बड़ियों ने राजनीतिक हलकों में चिंता पैदा कर दी है। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 'फ्लैग' होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता अपात्र हो गया है। चुनाव मशीनरी प्रभावित मतदाताओं को व्यक्तिगत नोटिस जारी करेगी और उन्हें आवश्यक दस्तावेज जमा करने और सुनवाई में उपस्थित होने का अवसर देगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह प्रक्रिया केवल कागजी सुधार नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक शुद्धिकरण का एक प्रयास है। ड्राफ्ट रोल में 9.78 करोड़ से 7.71 करोड़ मतदाताओं की गिरावट—यानी 2 करोड़ से अधिक नामों का कम होना—एक गंभीर संकेत है। 'रिश्तेदार मैपिंग' का उद्देश्य डुप्लिकेट और फर्जी मतदाताओं को हटाना है, लेकिन विसंगतियों की यह संख्या पुराने डेटा प्रविष्टि की खामियों को उजागर करती है।

"मतदाता सूची की शुद्धता निष्पक्ष चुनाव की नींव है; हालांकि, शुद्धिकरण की प्रक्रिया में वैध नागरिकों के मताधिकार का हनन नहीं होना चाहिए।"

कई विधानसभा क्षेत्रों में यह प्रभाव अधिक देखा गया है। मालाड, धारावी, पनवेल, और नागपुर के विभिन्न क्षेत्रों में एक लाख से अधिक मतदाताओं के रिकॉर्ड संदिग्ध पाए गए हैं। गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की राजनीतिक लक्षित कार्रवाई को रोकने के लिए, CEO कार्यालय ने फ्लैग किए गए नामों की सूची सार्वजनिक नहीं करने का निर्णय लिया है।

विशिष्ट समुदायों के खिलाफ संगठित तरीके से नाम हटाने की कोशिशों को रोकने के लिए, CEO ने 'आपत्तिकर्ता का दायित्व' नियम लागू किया है। नाम हटाने की मांग करने वाले व्यक्ति को उसी निर्वाचन क्षेत्र का होना चाहिए और उसे यह साबित करने के लिए सबूत देने होंगे कि मतदाता अपात्र है। मतदाता को केवल आपत्ति होने के कारण अपनी पात्रता साबित करने की आवश्यकता नहीं होगी।

पैमाना SIR से पहले का रोल ड्राफ्ट SIR रोल अंतर
कुल पंजीकृत मतदाता 9,78,54,049 7,71,65,562 - 2,06,88,487
चिन्हित/अनमैप्ड मतदाता उपलब्ध नहीं 1,22,24,007 बड़ा संशोधन
क्या आप जानते हैं?: विशेष गहन संशोधन (SIR) चुनाव आयोग की सबसे कठोर प्रक्रियाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य 'एक व्यक्ति, एक वोट' सुनिश्चित करना और मृत या डुप्लिकेट मतदाताओं को हटाना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या रिश्तेदार के नाम की स्पेलिंग गलत होने पर मेरा नाम अपने आप कट जाएगा?
नहीं। CEO ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल्दबाजी में नाम न हटाएं। आपको नोटिस मिलेगा और आप सुनवाई के दौरान इसे ठीक कर सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या कोई भी व्यक्ति किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कर सकता है?
नहीं। केवल उसी विधानसभा क्षेत्र का निवासी आपत्ति दर्ज कर सकता है, और उसे मतदाता की अपात्रता का ठोस सबूत देना होगा।