यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा पुकारे गए राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण देश भर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित हुआ है, जिससे नकदी निकासी और चेक क्लीयरेंस जैसे कार्य रुक गए हैं।
- UFBU द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल, 90% सार्वजनिक बैंक कर्मचारी शामिल।
- मुख्य मांग: 5-दिवसीय कार्य सप्ताह (सभी शनिवार अवकाश) का कार्यान्वयन।
- UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं चालू हैं।
- मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में ₹5,500 करोड़ के कारोबार पर असर।
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) में बैंकिंग सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित रहीं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 5-दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू करने और वेतन संबंधी लंबित मुद्दों को हल करने के लिए राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था।
इस हड़ताल के कारण देश भर की अधिकांश सरकारी बैंक शाखाएं या तो पूरी तरह बंद रहीं या आंशिक रूप से संचालित हुईं। नकदी जमा, निकासी, चेक क्लीयरेंस और प्रशासनिक कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ा। हालांकि, निजी क्षेत्र के बैंकों के कामकाज पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI और नेट बैंकिंग सुचारू रूप से चलती रहीं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह हड़ताल केवल छुट्टियों की मांग नहीं है, बल्कि बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते कार्य-दबाव और मानसिक तनाव के खिलाफ एक बड़ा विरोध है। जब बैंकिंग पूरी तरह डिजिटल हो रही है, तब कर्मचारी अपने कार्य-जीवन संतुलन (Work-Life Balance) और पेंशन सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। सरकार द्वारा 12वें द्विपक्षीय समझौते को अधिसूचित न करना प्रशासन और कर्मचारियों के बीच अविश्वास को दर्शाता है।
सार्वजनिक बैंकिंग में पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की ओर बढ़ना वैश्विक कॉर्पोरेट मानकों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है।
विवाद का मुख्य बिंदु मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हस्ताक्षरित 12वां द्विपक्षीय समझौता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते में सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी, लेकिन सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना अभी तक लंबित है। वर्तमान में, बैंक महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं।
कार्य सप्ताह के अलावा, यूनियनें पेंशन सुधारों की भी मांग कर रही हैं। इसमें पेंशन का नवीनीकरण, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापस जाने का विकल्प देना शामिल है।
हड़ताल का व्यापक असर मध्य प्रदेश में देखा गया, जहां लगभग 7,000 शाखाओं में कामकाज ठप रहा। बैंक कर्मचारी संगठन के अनुसार, इस हड़ताल से राज्य में लगभग ₹5,500 करोड़ के दैनिक कारोबार पर असर पड़ा, जिसमें 42,000 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी शामिल थे।
| सेवा का प्रकार | सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSB) | निजी क्षेत्र के बैंक |
|---|---|---|
| नकद/चेक सेवाएं | गंभीर रूप से प्रभावित | सुचारू |
| UPI/नेट बैंकिंग | सुचारू | सुचारू |
| प्रशासनिक कार्य | बंद | सुचारू |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या हड़ताल से डिजिटल बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई हैं?
नहीं, UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह चालू हैं क्योंकि इनके लिए बैंक शाखा में भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होती।
प्रश्न 2: बैंक यूनियनों की प्राथमिक मांग क्या है?
प्राथमिक मांग 5-दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू करना है, जिससे सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जा सके।