प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9/11 के पीड़ितों को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने वैश्विक शांति के लिए आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने पर जोर दिया।
- प्रधानमंत्री मोदी ने 9/11 हमलों के पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
- आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की अग्रणी भूमिका और वैश्विक एकजुटता पर जोर।
- स्वामी विवेकानंद के शिकागो संबोधन के माध्यम से सनातन धर्म के वैश्विक प्रभाव का उल्लेख।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 सितंबर के भीषण आतंकवादी हमलों की बरसी पर मारे गए निर्दोष लोगों को याद करते हुए अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसके खिलाफ लड़ाई में भारत पूरी दुनिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और इसे किसी भी तर्क से उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे आतंकवाद की जड़ों को खत्म करने के लिए एक साझा रणनीति अपनाएं, क्योंकि यह न केवल एक देश की बल्कि पूरी मानवता की सुरक्षा का प्रश्न है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that India's consistent stance on global terrorism, especially during anniversaries like 9/11, reinforces its position as a responsible global leader. By linking counter-terrorism with the values of peace and spirituality, India is bridging the gap between strategic security and moral leadership on the world stage.
"Terrorism is a global menace that requires a unified, uncompromising global response to ensure a secure future for the next generation."
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक संबोधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कैसे विवेकानंद ने पश्चिम को 'सनातन धर्म' और भारतीय संस्कृति की उदारता से परिचित कराया था, जो आज भी दुनिया को शांति और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखा रहा है।
ऐतिहासिक रूप से, भारत ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है। 9/11 के हमलों के बाद, वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। भारत ने हमेशा इस बात की वकालत की है कि आतंकवाद के वित्तपोषण (Terror Financing) को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और आतंकवाद को शरण देने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाए।
आतंकवाद के प्रति वैश्विक दृष्टिकोण
| दृष्टिकोण | पारंपरिक तरीका | भारत का प्रस्तावित तरीका |
|---|---|---|
| रणनीति | केवल सैन्य कार्रवाई | सैन्य कार्रवाई + कूटनीतिक दबाव + वित्तीय प्रहार |
| दायरा | क्षेत्रीय सुरक्षा | वैश्विक 'जीरो टॉलरेंस' नीति |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: प्रधानमंत्री मोदी ने 9/11 के संदर्भ में क्या संदेश दिया?
उत्तर: उन्होंने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ दुनिया से एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया।
प्रश्न 2: स्वामी विवेकानंद का उल्लेख क्यों किया गया?
उत्तर: शांति और वैश्विक भाईचारे के संदेश को साझा करने के लिए, जो आतंकवाद के विपरीत मानवता का आधार है।