ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें पीएम मोदी ने महान कवि तिरुवल्लुवर की कृति 'तिरुक्कुरल' का रूसी अनुवाद भेंट किया।
- पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध कृति 'तिरुक्कुरल' का रूसी अनुवाद उपहार में दिया।
- यह बैठक नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित की गई।
- दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और उर्वरक आपूर्ति जैसे रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस मुलाकात के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने एक प्रतीकात्मक और सांस्कृतिक कदम उठाते हुए महान तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर द्वारा रचित 'तिरुक्कुरल' के रूसी अनुवाद की एक प्रति राष्ट्रपति पुतिन को भेंट की।
'तिरुक्कुरल' केवल एक काव्य संग्रह नहीं है, बल्कि यह नैतिकता, राजनीति और मानवीय मूल्यों पर आधारित ज्ञान का एक अक्षय स्रोत है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस भेंट को साझा करते हुए लिखा कि यह कृति भाषाओं और सीमाओं से परे महान तिरुवल्लुवर के शाश्वत ज्ञान को प्रसारित करती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह उपहार केवल एक औपचारिक शिष्टाचार नहीं है, बल्कि भारत की 'सॉफ्ट पावर' डिप्लोमेसी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। प्राचीन तमिल साहित्य के माध्यम से रूस के साथ सांस्कृतिक सेतु बनाना यह दर्शाता है कि भारत अपने रणनीतिक संबंधों में सांस्कृतिक पहचान को प्राथमिकता दे रहा है। यह कदम रूस के साथ वैचारिक और बौद्धिक संबंधों को गहरा करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधान सचिव शक्तिकांत दास और विदेश सचिव विक्रम मिसरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक का माहौल अत्यंत सौहार्दपूर्ण रहा, जिसे पीएम मोदी द्वारा साझा किए गए एक छोटे वीडियो क्लिप में भी देखा जा सकता है।
"सांस्कृतिक कूटनीति अक्सर वहां काम करती है जहां पारंपरिक राजनीतिक वार्ताएं अटक जाती हैं; तिरुक्कुरल जैसे वैश्विक दर्शन का आदान-प्रदान आपसी विश्वास को मजबूत करता है।"
राजनीतिक मोर्चे पर, दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग के विस्तार पर गहन चर्चा की। वर्तमान में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों को देखते हुए, ऊर्जा और उर्वरकों के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक संयुक्त उद्यमों पर जोर दिया गया। यह चर्चा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस पर काफी निर्भर है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी, जहाँ पीएम मोदी ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने का आह्वान किया था। राष्ट्रपति पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: तिरुक्कुरल क्या है?
उत्तर: यह महान तमिल कवि तिरुवल्लुवर द्वारा रचित एक शास्त्रीय काव्य संग्रह है, जिसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं पर नैतिक और दार्शनिक शिक्षाएं दी गई हैं।
प्रश्न 2: बैठक में किन मुख्य रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई?
उत्तर: बैठक में मुख्य रूप से रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई।