सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद एमसीडी ने दिल्ली भर के 1,355 पीजी भवनों का सर्वे किया है। इस कार्रवाई में 3 इमारतों को बेहद खतरनाक पाया गया है और लापरवाही बरतने वाले तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है।

  • एमसीडी ने दिल्ली में 1,355 पीजी इमारतों का गहन सर्वे किया।
  • 3 इमारतें 'अत्यधिक खतरनाक' पाई गईं, जिनमें 69 लोग रह रहे हैं।
  • लापरवाही के आरोप में तीन एमसीडी इंजीनियरों को निलंबित किया गया।
  • अवैध निर्माण के खिलाफ बड़े पैमाने पर सीलिंग और विध्वंस अभियान चलाया गया।

दिल्ली उच्च न्यायालय की कड़ी फटकार के बाद, नगर निगम दिल्ली (MCD) ने राजधानी में छात्रों और कामकाजी पेशेवरों के लिए चलने वाले पेइंग गेस्ट (PG) आवासों की सुरक्षा जांच तेज कर दी है। सत्य निकेतन स्थित 'होस्टल डेज़' (Hostel Daze) के ढहने से हुई 7 मौतों के बाद, प्रशासन अब अन्य असुरक्षित ढांचों की पहचान करने में जुटा है। पिछले तीन दिनों में किए गए व्यापक सर्वे में 1,355 इमारतों की जांच की गई, जिनमें से तीन को तत्काल प्रभाव से खतरनाक श्रेणी में रखा गया है।

हैरानी की बात यह है कि ये तीनों खतरनाक इमारतें उसी दक्षिण क्षेत्र (South Zone) के अंतर्गत आती हैं, जहां सत्य निकेतन हादसा हुआ था। इन असुरक्षित भवनों में वर्तमान में 69 लोग रह रहे हैं, जिनकी जान जोखिम में है। इसके अलावा, सर्वे में 39 ऐसी इमारतें मिली हैं जिन्हें मामूली मरम्मत की जरूरत है, जबकि 9 इमारतों को बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता है। इनमें से अधिकांश असुरक्षित ढांचे केशवपुरम, नजफगढ़ और दक्षिण क्षेत्र में स्थित हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली में पीजी आवासों का अनियंत्रित विस्तार और मास्टर प्लान का उल्लंघन एक गंभीर शहरी संकट बन गया है। जब नागरिक निकाय केवल हादसे के बाद जागते हैं, तो यह व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। यह मामला केवल एक इमारत के गिरने का नहीं, बल्कि हजारों छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का है।

"शहरी नियोजन की अनदेखी और भ्रष्टाचार का मेल अक्सर ऐसी त्रासदियों को जन्म देता है, जहां कागजों पर इमारत सुरक्षित होती है लेकिन हकीकत में वह मौत का जाल बन चुकी होती है।"

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए, एमसीडी ने रविंदर कुमार (AE), सुमन सौरभ (JE) और मोहित यादव (JE) को निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई न करने और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति घोर लापरवाही बरतने का आरोप है। यह निलंबन इस बात का संकेत है कि अब जवाबदेही तय की जा रही है।

इमारतों के सर्वे के साथ-साथ, एमसीडी ने अवैध निर्माण के खिलाफ एक व्यापक अभियान भी चलाया। गुरुवार को शहर के विभिन्न हिस्सों जैसे खुरेजी खास, जगतपुरी और लक्ष्मी नगर में 41 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया और 61 को सील किया गया। चांदनी चौक में बेसमेंट से चल रही 54 अवैध दुकानों पर भी ताला जड़ा गया, जो अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रही थीं।

श्रेणी (Category) इमारतों की संख्या निवासी संख्या
खतरनाक (Dangerous) 3 69
बड़ी मरम्मत आवश्यक (Major Repair) 9 140
मामूली मरम्मत आवश्यक (Minor Repair) 39 664
सुरक्षित (Safe) 1,304 26,917
क्या आप जानते हैं?: दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के तहत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए विशिष्ट अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (Fire NOC) अनिवार्य है, जिसका उल्लंघन करने पर संपत्ति को तुरंत सील किया जा सकता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: एमसीडी ने इंजीनियरों को क्यों निलंबित किया?
उत्तर: इंजीनियरों को अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने में लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता के कारण निलंबित किया गया है।

प्रश्न 2: सर्वे में कुल कितनी इमारतों को सुरक्षित पाया गया?
उत्तर: कुल 1,355 में से 1,304 इमारतों को सुरक्षित पाया गया, जिनमें लगभग 26,917 लोग रह रहे हैं।