विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि एल नीनो की तीव्रता भारत में डेंगी संक्रमण और गर्मी‑संबंधी बीमारियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसमी बदलावों के साथ स्वास्थ्य प्रणाली को तत्पर रहना अनिवार्य है।

  • एल नीनो की तीव्रता से भारत में डेंगी के मामले 30% तक बढ़ सकते हैं।
  • अधिकतम तापमान रिकॉर्ड तोड़ते हुए हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के जोखिम बढ़ेंगे।
  • WHO ने स्वास्थ्य प्रणाली को तैयार करने और जागरूकता बढ़ाने की सलाह दी।

WHO की चेतावनी का मूल कारण

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हालिया जलवायु रिपोर्ट में बताया कि 2024‑2025 के एल नीनो चरण में समुद्री सतह तापमान में असामान्य वृद्धि होगी, जिससे दक्षिण‑एशिया में मौसमी बारिश के पैटर्न बदलेंगे। भारत में, यह बदलाव मच्छरों के प्रजनन स्थल को विस्तारित करेगा और डेंगी‑फीवर्ड वायरस के प्रसार को तेज़ करेगा।

डेंगी और गर्मी‑संबंधी रोगों पर संभावित प्रभाव

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि मौसमी स्थितियों में वर्तमान रुझान बना रहता है, तो अगले छह महीनों में डेंगी के पुष्टि किए गए मामलों में 30 % तक की वृद्धि हो सकती है। साथ ही, अप्रैल‑जून के बीच रिकॉर्ड‑तोड़ तापमान के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गर्मी‑संबंधी रोगों की घटनाएँ भी बढ़ेंगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले बड़े एल नीनो घटनाओं, जैसे 1998 और 2020, ने भारत के विभिन्न हिस्सों में डेंगी के प्रकोप को तीव्र किया था। 2020 में, राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी ने रिपोर्ट किया कि एल नीनो के कारण डेंगी मामलों में 20 % की वृद्धि देखी गई थी, विशेषकर उत्तर भारत और कर्नाटक में।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि मौसमी बदलावों का सीधा असर सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ता है, और समय पर चेतावनी से सरकार और स्थानीय प्रशासन को रोकथाम उपायों में तेजी लाने का अवसर मिलता है।

"एल नीनो के कारण बढ़ती जलवायु अस्थिरता को देखते हुए, डेंगी नियंत्रण में सक्रिय निगरानी और जल निकासी कार्य अत्यावश्यक हैं," कहते हैं डॉ. रमेश गुप्ता, WHO के एशिया‑पैसिफिक रोग विशेषज्ञ।
Did You Know?: 2020 में एल नीनो ने भारत में डेंगी मामलों में 20% की वृद्धि देखी थी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव पड़ा।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: एल नीनो के दौरान कौन‑से क्षेत्र सबसे अधिक जोखिम में हैं?

उत्तर: उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्य, जहाँ मौसमी बारिश और उच्च तापमान का संयोजन है, विशेष रूप से संवेदनशील माने जाते हैं।

प्रश्न 2: नागरिक क्या कदम उठा सकते हैं ताकि डेंगी और गर्मी‑संबंधी बीमारियों से बचाव हो सके?

उत्तर: पानी के कंटेनर को ढक कर रखें, मच्छरदानी का उपयोग करें, पर्याप्त जलयोजन बनाए रखें और अत्यधिक गर्मी के समय बाहर रहने से बचें।