नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन' के माध्यम से भारत ने अपनी डीप-टेक क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। इसमें AI-आधारित कैंसर स्क्रीनिंग और समुद्री रोबोटिक्स जैसे 37 क्रांतिकारी नवाचार शामिल हैं।
- भारत मंडपम में 37 अत्याधुनिक डीप-टेक नवाचारों का प्रदर्शन।
- AI-आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग और मैटरनल-फेटल मॉनिटरिंग सिस्टम मुख्य आकर्षण।
- ब्रिक्स देशों के बीच अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने का लक्ष्य।
भारत की राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समानांतर 'भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन' का आयोजन किया गया है। शिक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के संयुक्त समन्वय में आयोजित इस दो दिवसीय प्रदर्शनी का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भारत की डीप-टेक क्षमताओं को प्रदर्शित करना है। इस आयोजन में कुल 37 ऐसे नवाचार प्रदर्शित किए गए हैं जो स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षणों में AI-सक्षम सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग और AI-आधारित मैटरनल-फेटल मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल हैं, जो भारत की स्वास्थ्य तकनीक में प्रगति को दर्शाते हैं। इसके अलावा, पर्यावरण अनुकूल समाधानों के तहत फ्लोटिंग सोलर PV और दुर्लभ-पृथ्वी मुक्त ई-पावरट्रेन (rare-earth-free e-powertrains) का प्रदर्शन किया गया है, जो टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। समुद्री क्षेत्र के लिए उन्नत समुद्री रोबोटिक्स का प्रदर्शन भी किया गया है।
Why This Matters
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह प्रदर्शनी केवल तकनीकी प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक कदम है। भारत अपनी 'ब्रिक्स अध्यक्षता 2026' के विषय 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) को सार्थक कर रहा है। यह भारत को केवल एक बाजार के रूप में नहीं, बल्कि एक वैश्विक नवाचार केंद्र (Innovation Hub) के रूप में स्थापित करता है।
"यह आयोजन भारतीय उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र और वैश्विक निवेशकों के बीच एक सेतु का काम कर रहा है, जो स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच प्रदान करेगा।"
यह राष्ट्रीय कार्यक्रम भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs), प्रयोगशालाओं और अनुसंधान पार्कों के बीच दीर्घकालिक सहयोग बनाने के लिए एक 'ग्लोबल एक्सेलेरेटर' के रूप में डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य कॉर्पोरेट्स, निवेशकों और विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने प्रदर्शनी का दौरा किया और नवाचारियों के साथ बातचीत की। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय स्टार्टअप्स को एक ऐसा मंच मिला है जहाँ वे ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों के सामने अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। यह आयोजन ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साथ तालमेल बिठाकर B2B जुड़ाव और प्रौद्योगिकी साझेदारी के नए रास्ते खोलता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स और उच्च शिक्षा संस्थानों के नवाचारों को वैश्विक निवेशकों और ब्रिक्स देशों के नेताओं के सामने प्रदर्शित कर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना है।
प्रश्न 2: इस प्रदर्शनी में कौन-कौन से प्रमुख नवाचार शामिल हैं?
उत्तर: इसमें AI कैंसर स्क्रीनिंग, फ्लोटिंग सोलर पैनल, समुद्री रोबोटिक्स और दुर्लभ-पृथ्वी मुक्त ई-पावरट्रेन जैसे 37 प्रमुख नवाचार शामिल हैं।