मैसूर में आयोजित एक भव्य वॉकथॉन के दौरान डीसीपी डॉ. हर्षा प्रियंवदा ने युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने 'BEDA BRO' अभियान के माध्यम से समाज को नशामुक्त बनाने पर जोर दिया।
- डीसीपी डॉ. हर्षा प्रियंवदा ने नशीली दवाओं की लत को 'असामाजिक' करार दिया।
- मैसूर पुलिस द्वारा 'BEDA BRO' अभियान के जरिए युवाओं में जागरूकता फैलाई जा रही है।
- एसडीएम कॉलेज से महाराजा जूनियर कॉलेज तक एक विशाल वॉकथॉन का आयोजन किया गया।
कर्नाटक के मैसूर शहर में शनिवार को युवाओं को नशे के घातक परिणामों के प्रति सचेत करने के लिए एक व्यापक वॉकथॉन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन डीसीपी (कानून और व्यवस्था) डॉ. हर्षा प्रियंवदा ने किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशीली दवाओं की लत न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से नष्ट करती है, बल्कि यह एक गंभीर असामाजिक गतिविधि है जो पूरे समुदाय के ताने-बाने को प्रभावित करती है।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक स्वस्थ और नशामुक्त जीवन शैली की ओर प्रेरित करना था। वॉकथॉन की शुरुआत जेएलबी रोड स्थित एसडीएम कॉलेज से हुई और इसका समापन महाराजा जूनियर कॉलेज में हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर और नारे लगाकर आम जनता को नशे के खतरों के प्रति आगाह किया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the rise of synthetic drug abuse among college students in tier-2 cities like Mysuru is a growing concern. The shift from traditional enforcement to community-led awareness campaigns like 'BEDA BRO' indicates a strategic change in policing, focusing on prevention rather than just punishment.
"नशा केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह पारिवारिक विघटन और सामाजिक अस्थिरता का मुख्य कारण बनता है।" - डॉ. एम.आर. सीताराम, स्वामी विवेकानंद युवा आंदोलन।
कार्यक्रम में मौजूद स्वामी विवेकानंद युवा आंदोलन के संस्थापक सदस्य और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एम.आर. सीताराम ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार का व्यसन, चाहे वह ड्रग्स हो या अन्य नशीले पदार्थ, परिवार पर विनाशकारी प्रभाव डालता है और मानसिक स्वास्थ्य को पूरी तरह से नष्ट कर देता है।
डॉ. प्रियंवदा ने एक व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह स्वयं अपने छात्र जीवन में ऐसे जागरूकता अभियानों का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में छात्रों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि वे आने वाली पीढ़ी के रोल मॉडल होते हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: 'BEDA BRO' अभियान क्या है?
उत्तर: यह मैसूर पुलिस द्वारा शुरू किया गया एक जागरूकता अभियान है जिसका उद्देश्य युवाओं को नशीली दवाओं के सेवन से रोकना और उन्हें एक स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करना है।
उत्तर: यह वॉकथॉन मैसूर में एसडीएम कॉलेज से शुरू होकर महाराजा जूनियर कॉलेज तक आयोजित किया गया था।