प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत के पीए चंदन सिंह जीना के ठिकानों से नकदी, सोना और लग्जरी घड़ियाँ बरामद की हैं।
- पूर्व सीएम हरीश रावत के पीए चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी।
- ₹32 लाख की बेहिसाब नकदी, 200 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियाँ जब्त।
- UKSSSC की 2016 VPDO परीक्षा में OMR शीट के साथ छेड़छाड़ का गंभीर आरोप।
- करीब ₹1.28 करोड़ की संपत्ति जब्त और फ्रीज की गई।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के सिलसिले में देहरादून में व्यापक छापेमारी की है। इस कार्रवाई के केंद्र में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के पूर्व ओएसडी और वर्तमान निजी सहायक (PA) चंदन सिंह जीना हैं।
जांच एजेंसी ने न केवल चंदन सिंह जीना, बल्कि तत्कालीन UKSSSC के अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और OMR प्रोसेसिंग के लिए नियुक्त निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक के ठिकानों पर भी दबिश दी। ईडी के अनुसार, यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था जिसमें सरकारी पदों की बिक्री के लिए उम्मीदवारों से अवैध वसूली की गई थी।
घोटाले का तरीका: कैसे हुआ खेल?
ईडी की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि UKSSSC की सुरक्षित कस्टडी से OMR उत्तर पुस्तिकाओं को अवैध रूप से तत्कालीन सचिव के निजी आवास पर पहुँचाया गया था। वहां, अधूरी भरी हुई OMR शीट के रोल नंबर नोट किए गए और उन्हें निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मियों को सौंप दिया गया। इन कर्मियों ने अवैध पैसों के बदले उत्तरों के बबल्स को बदला और फिर से सील कर दिया।
सरकारी भर्ती परीक्षाओं में इस स्तर की सेंधमारी न केवल योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय है, बल्कि यह राज्य की प्रशासनिक मशीनरी में गहरी पैठ बना चुके भ्रष्टाचार के नेटवर्क को उजागर करता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह मामला केवल एक परीक्षा घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक प्रभाव और नौकरशाही के बीच के उस गठजोड़ को दर्शाता है जो सार्वजनिक संस्थानों की विश्वसनीयता को नष्ट करता है। जब उच्च पदों पर बैठे लोग ही भ्रष्टाचार में शामिल हों, तो शासन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है।
छापेमारी के दौरान चंदन सिंह जीना के परिसर से ₹32 लाख की बेहिसाब नकदी, 13 सोने के सिक्के, सात सोने की चेन (कुल वजन 200.5 ग्राम) और 12 महंगे ब्रांडेड लग्जरी रिस्ट वॉच बरामद की गईं। इसके अलावा, जीना और उनके परिवार के बैंक खातों में जमा ₹52 लाख से अधिक की राशि फ्रीज कर दी गई है।
| विवरण | जब्त/फ्रीज की गई संपत्ति |
|---|---|
| नकदी (Cash) | ₹32 लाख |
| सोना (Gold) | 200.5 ग्राम (सिक्के और चेन) |
| बैंक बैलेंस (Frozen) | ₹52 लाख+ |
| अन्य लग्जरी आइटम | 12 ब्रांडेड घड़ियाँ |
ईडी ने स्पष्ट किया है कि जब्त और फ्रीज की गई कुल संपत्ति का वर्तमान मूल्य लगभग ₹1.28 करोड़ है, जिसमें लग्जरी घड़ियों का मूल्यांकन होने के बाद यह राशि और बढ़ने की संभावना है।
Frequently Asked Questions
1. यह मामला किस परीक्षा से संबंधित है?
यह मामला वर्ष 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा में हुई धांधली से संबंधित है।
2. चंदन सिंह जीना का पूर्व मुख्यमंत्री से क्या संबंध है?
चंदन सिंह जीना, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के निजी सहायक (PA) हैं और उनके कार्यकाल के दौरान ओएसडी (OSD) भी रह चुके हैं।