तिरुपति में NIELIT संस्थान के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बीच सैकड़ों छात्रों और YSRCP नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन से संस्थान को अमरावती स्थानांतरित करने की अफवाहों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
- तिरुपति में NIELIT संस्थान की स्थिति पर स्पष्टता के लिए 'Gen-Z' समूहों और YSRCP नेताओं ने प्रदर्शन किया।
- सांसद डॉ. एम. गुरुमूर्ति और अन्य नेताओं ने संस्थान को अमरावती स्थानांतरित करने की अफवाहों पर सवाल उठाए।
- प्रदर्शनकारियों ने 15 एकड़ के स्थायी कैंपस के लिए तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की स्थिति जानने की मांग की।
आंध्र प्रदेश के तिरुपति में शुक्रवार को एक बड़ा राजनीतिक और छात्र आंदोलन देखने को मिला। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) की वर्तमान स्थिति और उसके भविष्य को लेकर सैकड़ों छात्रों, अभिभावकों और युवा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस आंदोलन का नेतृत्व स्वयं को 'Gen-Z' समूह कहने वाले युवाओं ने किया, जिन्होंने 'कॉकरोच तिरुपति' के नारे के साथ श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तक विरोध मार्च निकाला।
इस आंदोलन को राजनीतिक मजबूती देते हुए सांसद डॉ. एम. गुरुमूर्ति, एमएलसी सिपाही सुब्रमण्यम और YSRCP निर्वाचन क्षेत्र प्रभारी भुमाना अभिनय रेड्डी ने अपना समर्थन दिया। नेताओं ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या वास्तव में संस्थान को तिरुपति से हटाकर अमरावती ले जाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, जिला कलेक्टर ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया है कि केंद्र को स्थानांतरित करने की खबरें केवल अफवाहें हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this protest is not merely about a single institute, but represents a larger regional struggle for educational equity in the Rayalaseema region. When technical institutions are shifted to the capital region (Amaravati), it creates a 'brain drain' and marginalizes the youth of backward districts, hindering local industrial growth.
सांसद डॉ. गुरुमूर्ति ने याद दिलाया कि पूर्व YSRCP शासन के दौरान उन्होंने इस केंद्र को तिरुपति लाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय 4,000 से 12,000 युवाओं को उद्योग-उन्मुख तकनीकी कौशल में प्रशिक्षित करना था, जिससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ सकें। उन्होंने मांग की कि सरकार 15 एकड़ भूमि पर स्थायी कैंपस के निर्माण के लिए तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की वर्तमान स्थिति को सार्वजनिक करे।
"The shift of educational hubs from regional centers to the capital often deepens the socio-economic divide between different districts of a state."
भुमाना अभिनय रेड्डी ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और स्किल यूनिवर्सिटी को भी रायलासीमा से बाहर स्थानांतरित किया जा चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संघर्ष अमरावती के खिलाफ नहीं, बल्कि तिरुपति के छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: तिरुपति के युवाओं का मुख्य विरोध क्या है?
उत्तर: युवाओं का विरोध NIELIT संस्थान को तिरुपति से अमरावती स्थानांतरित करने की अफवाहों और स्थायी कैंपस की प्रगति में देरी को लेकर है।
प्रश्न 2: इस आंदोलन में किन प्रमुख नेताओं ने भाग लिया?
उत्तर: सांसद डॉ. एम. गुरुमूर्ति, एमएलसी सिपाही सुब्रमण्यम और भुमाना अभिनय रेड्डी ने इस आंदोलन का समर्थन किया।