ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने शहर के 6 लाख से अधिक संपत्ति मालिकों को 30 सितंबर तक ₹847 करोड़ का बकाया कर चुकाने का निर्देश दिया है। कर भुगतान में देरी करने वालों को अब ब्याज का सामना करना पड़ सकता है।

  • 6,03,232 संपत्ति मालिकों पर ₹847.80 करोड़ का कुल बकाया है।
  • बकाया राशि चुकाने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है।
  • देरी करने पर तमिलनाडु शहरी स्थानीय निकाय अधिनियम, 2023 के तहत ब्याज लगेगा।

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने चेन्नई के संपत्ति मालिकों के लिए एक सख्त समय सीमा निर्धारित की है। निगम आयुक्त जी.एस. समीरन ने शनिवार को घोषणा की कि शहर के 6 लाख से अधिक संपत्ति मालिकों को 30 सितंबर तक अपने वर्तमान और लंबित संपत्ति कर के ₹847 करोड़ का भुगतान करना होगा।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चेन्नई में कुल 14,15,771 संपत्ति मालिक हैं। इनमें से 8,12,539 मालिकों ने अपना कर समय पर चुकाकर कोई बकाया नहीं छोड़ा है। हालांकि, शेष 6,03,232 मालिकों पर ₹847.80 करोड़ का भारी-भरकम बकाया है, जो निगम के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह राजस्व संग्रह केवल सरकारी आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह शहर के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जीवन रेखा है। यदि यह बकाया राशि समय पर प्राप्त नहीं होती है, तो नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन में बाधा आ सकती है।

संपत्ति कर का समय पर भुगतान सीधे तौर पर शहर की स्वच्छता, सड़क रखरखाव और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।

तमिलनाडु शहरी स्थानीय निकाय अधिनियम, 2023 के तहत, प्रत्येक छमाही के अंत तक संपत्ति कर का भुगतान करना अनिवार्य है। यदि कोई मालिक इस समय सीमा का पालन करने में विफल रहता है, तो अगले छमाही से बकाया राशि पर ब्याज लगाया जाएगा।

भुगतान के आसान तरीके

निगम ने नागरिकों की सुविधा के लिए भुगतान के कई डिजिटल और पारंपरिक विकल्प उपलब्ध कराए हैं। नागरिक कॉर्पोरेशन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप भुगतान लिंक, और क्यूआर कोड का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, व्हाट्सएप चैटबॉट (9445161913) के माध्यम से भी सहायता ली जा सकती है। पारंपरिक रूप से, चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से मुख्यालय, जोनल कार्यालयों या कर संग्रहकर्ताओं के पास जमा किया जा सकता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

चेन्नई नगर निगम भारत के सबसे पुराने नगर निकायों में से एक है। संपत्ति कर इसकी आय का प्राथमिक स्रोत है। इस राजस्व का उपयोग ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्ट्रीट लाइटिंग, पार्कों के रखरखाव, सार्वजनिक स्वास्थ्य और रोग रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाता है।

Did You Know?: चेन्नई नगर निगम का राजस्व मुख्य रूप से संपत्ति कर पर निर्भर करता है, जिसका उपयोग शहर के विशाल कचरा प्रबंधन तंत्र को चलाने के लिए किया जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: बकाया कर चुकाने की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: अंतिम तिथि 30 सितंबर है।

प्रश्न 2: यदि मैं समय पर भुगतान नहीं करता हूँ तो क्या होगा?
उत्तर: आपको अगले छमाही से बकाया राशि पर ब्याज देना होगा।