आंध्र प्रदेश के गुंटूर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई है, जहाँ 55 स्कूलों के 25,000 छात्रों ने एक साथ मिट्टी की मूर्तियाँ बनाकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में अपना नाम दर्ज कराया है।

  • गुंटूर नगर निगम ने 25,000 छात्रों के साथ वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में स्थान बनाया।
  • 55 स्कूलों के विद्यार्थियों ने एक साथ इको-फ्रेंडली मिट्टी की गणेश मूर्तियाँ तैयार कीं।
  • इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) और रासायनिक रंगों के उपयोग को कम करना है।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर नगर निगम (GMC) ने शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। 'नवा गुंटूर' पहल के तहत आयोजित 'ग्रीन गणेश' कार्यक्रम में शहर के 55 विभिन्न स्कूलों के लगभग 25,000 छात्रों ने एक साथ मिलकर मिट्टी की गणेश मूर्तियाँ बनाईं। इस विशाल आयोजन ने न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाई, बल्कि गुंटूर को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में भी शामिल कर दिया है।

एनटीआर स्टेडियम में आयोजित इस मुख्य कार्यक्रम की निगरानी नगर निगम आयुक्त के. मयूर अशोक, विधायक गल्ला माधवी, नजीर अहमद, बूरला रमनजनेयुलु और आंध्र प्रदेश राज्य प्रौद्योगिकी सेवाओं (APTS) के अध्यक्ष मन्नवा मोहन कृष्ण जैसे गणमान्य व्यक्तियों द्वारा की गई। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन के संयुक्त सचिव एलियाज़ ने आधिकारिक तौर पर इस रिकॉर्ड की घोषणा की और पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान किया।

रिकॉर्ड के आंकड़ों पर गौर करें तो यह उपलब्धि वास्तव में चौंकाने वाली है। एलियाज़ ने बताया कि इससे पहले का रिकॉर्ड केवल 8,750 प्रतिभागियों का था, जिसे गुंटूर के छात्रों ने 25,000 की संख्या के साथ ध्वस्त कर दिया है। यह वृद्धि न केवल संख्यात्मक है, बल्कि यह सामुदायिक भागीदारी की शक्ति को भी दर्शाती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस तरह के बड़े पैमाने पर किए गए अभियान केवल रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन (Behavioral Change) के लिए होते हैं। जब 25,000 बच्चे अपने हाथों से मिट्टी की मूर्ति बनाते हैं, तो वे अपने परिवारों को भी PoP और जहरीले रंगों के खिलाफ प्रेरित करते हैं। यह जमीनी स्तर पर एक बड़ा पर्यावरणीय प्रभाव पैदा करता है।

"पर्यावरण संरक्षण अब केवल सरकारी नीतियों का हिस्सा नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी की संस्कृति का हिस्सा होना चाहिए।"

कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम में कई विशेष आकर्षण रहे, जिनमें रेत से बनी गणेश प्रतिमा, एक विशाल मिट्टी की मूर्ति और एक विस्तृत पेंटिंग शामिल थी। आयुक्त श्री अशोक ने इस सफलता के लिए शैक्षणिक संस्थानों, शिक्षा विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए, नगर निगम ने संकेत दिया है कि वे सार्वजनिक भागीदारी के साथ वृक्षारोपण अभियान और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ सख्त प्रवर्तन जैसे अन्य पर्यावरणीय पहलों को भी जारी रखेंगे। यह कदम गुंटूर को एक 'ग्रीन सिटी' बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

क्या आप जानते हैं?: प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) से बनी मूर्तियाँ पानी में घुलने में महीनों का समय लेती हैं और उनमें मौजूद भारी धातुएँ जल निकायों को जहरीला बना देती हैं, जबकि प्राकृतिक मिट्टी कुछ ही घंटों में विसर्जित हो जाती है।
विवरण पिछला रिकॉर्ड गुंटूर का नया रिकॉर्ड
प्रतिभागियों की संख्या 8,750 छात्र 25,000 छात्र
मुख्य सामग्री मिट्टी (Clay) इको-फ्रेंडली मिट्टी (Clay)
प्रभाव क्षेत्र सीमित 55 स्कूल (व्यापक)

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'ग्रीन गणेश' कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका उद्देश्य बच्चों और परिवारों को पर्यावरण के अनुकूल त्योहार मनाने के लिए प्रेरित करना और रासायनिक रंगों व PoP मूर्तियों के उपयोग को रोकना था।

प्रश्न 2: इस रिकॉर्ड की पुष्टि किसने की?
उत्तर: इस रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन के संयुक्त सचिव एलियाज़ ने की।