हैदराबाद के ऑटो रिक्शा और ऐप-आधारित परिवहन यूनियनों ने परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर से मुलाकात कर न्यूनतम किराए में वृद्धि और कल्याण बोर्ड की स्थापना की मांग की है।
- न्यूनतम ऑटो किराए को बढ़ाकर ₹40 और प्रति किलोमीटर किराया ₹18 करने की मांग।
- परिवहन मंत्री ने ऑटो चालकों के लिए कल्याण बोर्ड (Welfare Board) बनाने का आश्वासन दिया।
- शहर में बाहरी जिलों के पंजीकृत ऑटो के संचालन पर रोक लगाने का आग्रह।
हैदराबाद में परिवहन सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले ऑटो रिक्शा चालकों और ऐप-आधारित परिवहन कार्यकर्ताओं ने अपनी आर्थिक समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को एक संयुक्त कार्य समिति (JAC) के प्रतिनिधियों ने परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर से मुलाकात की, ताकि पिछले सप्ताह हुई बैठक के बाद लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
यूनियन के प्रमुख प्रतिनिधियों, जिनमें बी. वेंकटेशम, ए. सथिरेड्डी, एम.ए. सलीम और अजय बाबू शामिल थे, ने स्पष्ट किया कि वर्तमान किराया संरचना में महंगाई के दौर में गुजारा करना असंभव हो गया है। उन्होंने मांग की है कि न्यूनतम किराए को बढ़ाकर ₹40 किया जाए और उसके बाद के प्रत्येक किलोमीटर के लिए ₹18 का शुल्क निर्धारित हो।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल किराए तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में काम करने वाले श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा की एक बड़ी लड़ाई है। यदि सरकार कल्याण बोर्ड बनाने में विफल रहती है, तो शहर में परिवहन व्यवस्था ठप होने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे लाखों दैनिक यात्री प्रभावित होंगे।
परिवहन क्षेत्र में डिजिटल बदलाव और बढ़ती परिचालन लागत के बीच ड्राइवरों के लिए एक कानूनी सुरक्षा कवच और उचित किराया ढांचा अनिवार्य है।
बैठक के दौरान, मंत्री प्रभाकर ने आश्वासन दिया कि 7 सितंबर की बैठक में लिए गए निर्णयों को जल्द ही लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सरकार ऑटो क्षेत्र के लिए एक विशेष ऐप विकसित करने की प्रक्रिया में है, जिससे चालकों और यात्रियों के बीच समन्वय बेहतर हो सके।
एक महत्वपूर्ण मुद्दा 'बाहरी ऑटो' का भी उठा। JAC नेताओं ने मांग की कि हैदराबाद के अलावा अन्य जिलों में पंजीकृत ऑटो रिक्शा के शहर में संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उनका तर्क है कि स्थानीय ड्राइवरों को प्राथमिकता देने से शहर की परिवहन आवश्यकताओं को अधिक कुशलता से पूरा किया जा सकता है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकारी आदेश (GO) संख्या 263 के तहत शेष परमिट जल्द ही जारी किए जाएंगे।
बातचीत को निरंतर बनाए रखने के लिए, मंत्री ने सुझाव दिया कि पांच प्रतिनिधियों का एक छोटा समूह हर हफ्ते उनसे मिले, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान निकाला जा सके।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: ऑटो यूनियन की मुख्य मांग क्या है?
मुख्य मांग न्यूनतम किराए को ₹40 और प्रति किलोमीटर शुल्क को ₹18 करने की है।
प्रश्न 2: सरकार ने चालकों को क्या आश्वासन दिया है?
सरकार ने कल्याण बोर्ड की स्थापना, नए ऐप के विकास और लंबित परमिट जारी करने का आश्वासन दिया है।