कोल्लम के सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने DISHA बैठक के दौरान VB-GRAM G श्रमिकों के लिए NMMS ऐप की जियोफेंसिंग सीमाओं को संशोधित करने की मांग की है। बैठक में ग्रामीण रोजगार और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णयों पर भी चर्चा हुई।
- सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने NMMS ऐप के जरिए अटेंडेंस मार्क करने में आने वाली तकनीकी बाधाओं को दूर करने का आग्रह किया।
- VB-GRAM G श्रमिकों के लिए ₹18.6 करोड़ की सामग्री राशि और ₹56 करोड़ की मजदूरी का बकाया भुगतान किया गया।
- कोल्लम जिले के 28 स्वास्थ्य केंद्रों को NQAS प्रमाणन प्राप्त हुआ है और कई नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वीकृत किए गए हैं।
कोल्लम के सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने विकास समन्वय और निगरानी समिति (DISHA) की समीक्षा बैठक में 'विकसित भारत — गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' (VB-GRAM G) श्रमिकों के सामने आने वाली परिचालन चुनौतियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से जियोफेंसिंग और जियोटैगिंग प्रणालियों के कारण होने वाली समस्याओं का उल्लेख किया, जिससे श्रमिकों को अपनी उपस्थिति दर्ज करने में कठिनाई हो रही है।
सांसद ने अधिकारियों से आग्रह किया कि नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने के लिए निर्धारित क्षेत्र की सीमाओं (Geofencing boundaries) को कम और लचीला बनाया जाए। इससे श्रमिकों को बिना किसी परेशानी के अपनी हाजिरी लगाने में मदद मिलेगी। चर्चा के बाद, DISHA पैनल ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों को इन तकनीकी बदलावों को तत्काल लागू करने का निर्देश दिया गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, ग्रामीण रोजगार योजनाओं में डिजिटल निगरानी (Digital Monitoring) का उद्देश्य पारदर्शिता लाना था, लेकिन जमीनी स्तर पर सख्त जियोफेंसिंग अक्सर उन श्रमिकों के लिए बाधा बन जाती है जो कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में काम करते हैं। यदि इन सीमाओं को सुव्यवस्थित नहीं किया गया, तो यह न केवल श्रमिकों के वेतन को प्रभावित करेगा, बल्कि सरकारी योजनाओं की दक्षता को भी कम करेगा।
"तकनीकी समाधानों को मानवीय परिस्थितियों के अनुकूल होना चाहिए, न कि श्रमिकों के लिए एक बोझ बनना चाहिए।"
बैठक के दौरान वित्तीय अपडेट्स पर भी चर्चा हुई। यह राहत की बात है कि VB-GRAM G श्रमिकों के लिए सामग्री घटक के तहत ₹18.6 करोड़ और मजदूरी बकाया के रूप में ₹56 करोड़ की राशि पूरी तरह से जारी कर दी गई है। इसके अलावा, स्वच्छ भारत मिशन के लिए लंबित केंद्रीय निधियों को भी जिले को प्राप्त हो गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कोट्टारा, नेदुमोंकावु और परंगोडे सहित कई स्थानों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। साथ ही, 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत 18 उप-केंद्रों के लिए ₹55.5 लाख प्रति केंद्र की राशि स्वीकृत की गई है।
| क्षेत्र | मुख्य उपलब्धि/अपडेट |
|---|---|
| ग्रामीण रोजगार (VB-GRAM G) | ₹74.6 करोड़ का कुल बकाया भुगतान जारी |
| स्वास्थ्य सेवा | 28 केंद्रों को NQAS प्रमाणन प्राप्त |
| शहरी आवास (PMAY-U) | 469 इकाइयों के लिए समय सीमा विस्तार की मांग |
शहरी आवास के मोर्चे पर, समिति ने केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध करने का निर्णय लिया है, क्योंकि जिले में अभी भी 469 आवास इकाइयों का निर्माण पूरा होना बाकी है। इस महत्वपूर्ण बैठक में कोल्लम मेयर ए.के. हफीज और विधायक एम.एम. नसीम और विष्णु मोहन भी उपस्थित थे।
Frequently Asked Questions
1. NMMS ऐप क्या है और यह श्रमिकों के लिए क्यों कठिन है?
NMMS एक मोबाइल ऐप है जिसका उपयोग सरकारी योजनाओं में श्रमिकों की उपस्थिति ट्रैक करने के लिए किया जाता है। सख्त जियोफेंसिंग के कारण, यदि श्रमिक निर्धारित छोटे दायरे से थोड़ा भी बाहर होता है, तो उसकी उपस्थिति दर्ज नहीं होती।
DISHA समिति का उद्देश्य जिला स्तर पर केंद्र सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करना और समन्वय स्थापित करना है।