प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक का मुख्य केंद्र वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैन्य विस्थापन और बढ़ते व्यापार घाटे को कम करना रहा।

  • पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 2020 के गलवान संघर्ष के बाद पहली बड़ी मुलाकात।
  • LAC पर सैन्य विस्थापन के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की वार्ता की समीक्षा।
  • भारत-चीन व्यापार घाटे और आर्थिक संबंधों को संतुलित करने पर गहन चर्चा।
  • ब्रिक्स के विस्तारित 11-सदस्यीय समूह ने 'लचीलापन, नवाचार और स्थिरता' के विषय पर चर्चा की।

भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने वैश्विक राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींचा, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय धरती पर लौटे। यह दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि 2020 में गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्षों के बाद दोनों देशों के संबंधों में भारी गिरावट आई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन के इतर राष्ट्रपति शी के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की।

बैठक के दौरान, दोनों नेताओं ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैन्य विस्थापन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। इस चर्चा में सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) स्तर पर हुई पिछली बातचीत के परिणामों को लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि सीमा पर शांति बहाल की जा सके और भविष्य में किसी भी टकराव की संभावना को समाप्त किया जा सके।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मुलाकात केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं है, बल्कि एशिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तनाव कम करने की एक रणनीतिक कोशिश है। यदि सीमा विवाद सुलझता है, तो यह न केवल क्षेत्रीय स्थिरता लाएगा बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को भी मजबूती प्रदान करेगा।

"भारत और चीन के बीच संबंधों का सामान्य होना केवल द्विपक्षीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह 21वीं सदी की वैश्विक भू-राजनीति की दिशा तय करेगा।"

आर्थिक मोर्चे पर, प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि व्यापारिक संबंध संतुलित और पारदर्शी होने चाहिए। इसके अलावा, सम्मेलन में BRICS Economic Partnership 2030 जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य सेवाओं के व्यापार का विस्तार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए वित्तपोषण बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने केवल चीन ही नहीं, बल्कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य विश्व नेताओं के साथ भी अलग-अलग बैठकें कीं। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र क्षेत्रीय स्थिरता, वैश्विक व्यापार सहयोग और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का निर्माण रहा। भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर ने इस शिखर सम्मेलन को एक सांस्कृतिक और कूटनीतिक भव्यता प्रदान की।

क्या आप जानते हैं?: ब्रिक्स (BRICS) अब एक विस्तारित समूह बन चुका है जिसमें अब 11 सदस्य देश शामिल हैं, जो वैश्विक जीडीपी के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: पीएम मोदी और शी जिनपिंग की बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: बैठक का मुख्य उद्देश्य LAC पर सैन्य विस्थापन की समीक्षा करना और द्विपक्षीय व्यापार घाटे को कम करना था।

प्रश्न 2: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme) क्या था?
उत्तर: इस शिखर सम्मेलन का विषय 'लचीलापन, नवाचार, कनेक्टिविटी और स्थिरता' (Resilience, Innovation, Connectivity, and Sustainability) था।