राजस्थान के बारां में नगर पालिका चुनाव के पहले चरण के बाद भाजपा उम्मीदवार अंतिमा यादव, उनके पति और बच्चा रहस्यमय तरीके से लापता हो गए हैं। परिवार ने अपहरण का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • भाजपा उम्मीदवार अंतिमा यादव, उनके पति संजय यादव और उनका बच्चा 9 सितंबर से लापता हैं।
  • परिवार ने अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जबरन अपहरण का आरोप लगाया है।
  • कोतवाली पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।

राजस्थान के बारां जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां वार्ड 16 से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार अंतिमा यादव अपने पति और बच्चे के साथ अचानक लापता हो गई हैं। यह घटना नगर पालिका चुनावों के पहले चरण के मतदान के तुरंत बाद हुई है, जिसने स्थानीय राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अंतिमा यादव और उनके पति संजय यादव, दोनों पेशे से वकील हैं। परिजनों के अनुसार, मतदान के दिन अंतिमा अंबेडकर भवन स्थित मतदान केंद्र पर मौजूद थीं और उन्हें शाम करीब 5 बजे तक वहां देखा गया था। मतदान समाप्त होने के बाद जब वह अपने घर के लिए निकलीं, तो वह कभी वापस नहीं लौटीं। उनके साथ उनके पति और 7-8 साल का बच्चा भी था। तीनों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं, जिससे परिजनों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी चिंता है।

अपहरण का गंभीर आरोप

परिजनों का दावा है कि अंतिमा को मतदान केंद्र से घर लौटते समय अज्ञात लोगों द्वारा जबरन अगवा कर लिया गया। अंतिमा के रिश्तेदार राजेंद्र यादव, जो बूथ पर पोलिंग एजेंट थे, ने पुष्टि की कि उन्होंने उन्हें शाम तक वहां देखा था। जब काफी खोजबीन के बाद भी उनका पता नहीं चला, तो अंतिमा की सास अंगूरी बाई और मां कृष्णा बाई ने कोतवाली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this incident occurs during a highly volatile post-election period where candidates are often strategically gathered by parties to prevent poaching or influence. The disappearance of a candidate along with their entire immediate family suggests a targeted action rather than a random crime, potentially pointing towards political vendetta or a deeper conspiracy to disrupt the local electoral process.

चुनावों के दौरान उम्मीदवारों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है; एक पूरे परिवार का गायब होना सुरक्षा चूक और राजनीतिक अस्थिरता का संकेत है।

भाजपा के जिला अध्यक्ष ओपी पारेता ने इस मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि पार्टी आमतौर पर मतदान के बाद फीडबैक के लिए उम्मीदवारों से संपर्क करती है, लेकिन अंतिमा से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। पार्टी का मानना था कि वार्ड 16 में उनकी स्थिति काफी मजबूत है और जीत की पूरी उम्मीद थी।

वर्तमान में, कोतवाली सर्कल इंस्पेक्टर हीरालाल पुनिया के नेतृत्व में पुलिस टीम इलाके के तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस दिशा में गए। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह वास्तव में अपहरण है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

क्या आप जानते हैं?: राजस्थान में नगर पालिका चुनावों के दौरान अक्सर उम्मीदवारों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा देखी जाती है, जिसके कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भाजपा उम्मीदवार अंतिमा यादव कब से लापता हैं?
उत्तर: अंतिमा यादव, उनके पति और बच्चा 9 सितंबर को मतदान समाप्त होने के बाद से लापता हैं।

प्रश्न 2: पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
उत्तर: पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।