श्रीनगर की एक अदालत ने जुनैद कुरैशी की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे तुरंत गिरफ्तार करने का आदेश दिया है, जिसने कथित तौर पर अपने पिता और कुख्यात हाईजैकर हाशिम कुरैशी को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

  • श्रीनगर कोर्ट ने पिता पर हमला करने के आरोप में जुनैद कुरैशी की तत्काल गिरफ्तारी का आदेश दिया।
  • पीड़ित हाशिम कुरैशी, जो 1971 के गंगा हाईजैकिंग के लिए जाने जाते हैं, की हालत गंभीर है।
  • आरोपी एम्सटर्डम स्थित एक थिंक टैंक का निदेशक है और UNHRC को संबोधित करने वाला था।

श्रीनगर की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए जुनैद कुरैशी की जमानत याचिका खारिज कर दी और उसकी तत्काल गिरफ्तारी का आदेश दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर निशात पुलिस को सौंपा जाए। यह मामला तब सामने आया जब जुनैद पर अपने पिता हाशिम कुरैशी पर हमला करने और उन्हें "गंभीर रूप से घायल" करने का आरोप लगा।

यह घटना 3 सितंबर, 2026 को एक पारिवारिक विवाद के दौरान हुई। अदालत ने टिप्पणी की कि जिस व्यक्ति को अपने जीवन के अंतिम वर्षों में अपने बच्चों से देखभाल और सुरक्षा की उम्मीद होती है, वह आज अपने ही बेटे के हाथों लगी गंभीर चोटों से जूझ रहा है। हाशिम कुरैशी फिलहाल श्रीनगर के एक निजी अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं है, बल्कि इसमें एक ऐसी शख्सियत शामिल है जिसका वैश्विक इतिहास रहा है। एक तरफ जुनैद कुरैशी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर अपने ही पिता के साथ कथित हिंसा ने उनके पेशेवर व्यक्तित्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अदालत ने केस डायरी और अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें पीड़ित की नाजुक स्थिति की पुष्टि हुई। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को पीड़ित को धक्का देते हुए देखा गया, जिसके बाद वह सीढ़ियों से नीचे गिर गए और उनके सिर में गंभीर चोट आई। इस मामले में निशात पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

"यह न्यायिक निर्णय स्पष्ट करता है कि बुजुर्गों के खिलाफ हिंसा को किसी भी सामाजिक या पेशेवर ओहदे की आड़ में माफ नहीं किया जाएगा।"

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पीड़ित हाशिम कुरैशी 1971 में तब दुनिया भर की सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने अपने एक साथी के साथ मिलकर भारतीय एयरलाइन "गंगा" का अपहरण किया था। श्रीनगर से जम्मू जा रहे इस विमान को उन्होंने लाहौर, पाकिस्तान मोड़ दिया था। पाकिस्तानी जेल में समय बिताने के बाद, वह एम्सटर्डम चले गए और साल 2000 में जम्मू-कश्मीर लौटे।

वहीं, आरोपी जुनैद कुरैशी, एम्सटर्डम स्थित 'यूरोपीय फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज' के निदेशक हैं। वह जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) को मानवाधिकार मुद्दों पर संबोधित करने वाले थे, जिससे इस मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है।

क्या आप जानते हैं?: 1971 में विमान 'गंगा' का अपहरण दक्षिण एशियाई क्षेत्र में विमानन डकैती (aviation piracy) के शुरुआती और सबसे चर्चित मामलों में से एक था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. जुनैद कुरैशी पर क्या आरोप हैं?
उन पर अपने पिता पर हमला करने का आरोप है, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत मामला दर्ज है।

2. हाशिम कुरैशी कौन हैं?
हाशिम कुरैशी वह व्यक्ति हैं जिन्होंने 1971 में भारतीय विमान 'गंगा' का अपहरण कर उसे पाकिस्तान भेजा था।