ऐप्पल का नया फोल्डेबल iPhone Duo भारत में लगभग ₹2,99,900 पर बेचा जा रहा है, जबकि यूएस में इसकी कीमत $1,299 है। इस भारी मूल्य अंतर का मुख्य कारण उच्च कर, आयात शुल्क और मौद्रिक असमानता है, साथ ही मेमोरी चिप की वैश्विक कमी भी असर डाल रही है।

  • iPhone Duo की भारत‑US कीमत में लगभग ₹1 लाख का अंतर है।
  • उच्च GST, आयात शुल्क और मुद्रा मूल्य में अंतर मुख्य कारण हैं।
  • ग्लोबल मेमोरी‑चिप की कमी ने कीमतों को और बढ़ा दिया है।

iPhone Duo की कीमतों का विवरण

ऐप्पल ने अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफ़ोन, iPhone Duo, भारत में ₹2,99,900 की कीमत पर लॉन्च किया, जबकि संयुक्त राज्य में इसका रीटेल मूल्य $1,299 (लगभग ₹1,08,000) है। तुलना में, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max भारत में क्रमशः ₹1,64,900 और ₹1,79,900 पर उपलब्ध हैं, जबकि यूएस में इनके मूल्य $1,199 और $1,299 हैं।

कर और आयात शुल्क का प्रभाव

भारत में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को लक्ज़री वस्तु माना जाता है, इसलिए iPhone Duo पर 18% GST लागू होता है। चूँकि यह मॉडल अभी तक भारत में निर्मित नहीं हुआ है, इसे अतिरिक्त 17‑18% आयात शुल्क भी देना पड़ता है। ये दो कर मिलकर कीमत में लगभग ₹50,000 का अंतर पैदा करते हैं।

मुद्रा असमानता और मूल्य निर्धारण

भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच लगातार बदलते विनिमय दरें भी कीमत में बड़ा अंतर लाती हैं। जब डॉलर मजबूत होता है, तो आयातित उपकरणों की भारतीय कीमतें स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती हैं।

वैश्विक मेमोरी‑चिप की कमी

हाल ही में मेमोरी‑चिप की वैश्विक कमी ने सभी स्मार्टफ़ोन निर्माताओं को प्रभावित किया है। इस कमी के कारण उत्पादन लागत बढ़ी है, जिससे iPhone Duo जैसी हाई‑एंड डिवाइस की कीमत में अतिरिक्त वृद्धि हुई है।

उपभोक्ता प्रतिक्रिया और बाजार का भविष्य

ऐप्पल के पिछले मॉडल, जैसे iPhone 16 और iPhone 17, की कीमतों में भी वृद्धि ने भारतीय उपभोक्ताओं को आश्चर्यचकित किया। अब कई खरीदारों को iPhone Duo खरीदने से पहले इंतजार करना या वैकल्पिक ब्रांडों की ओर रुख करना पड़ सकता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कुछ वर्षों में, ऐप्पल ने भारत में कीमतों को कम करने के लिए स्थानीय असेंबली पहलें शुरू की थीं, लेकिन फोल्डेबल तकनीक अभी तक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं है। इस कारण आयात शुल्क अभी भी लागू है, जिससे भारत में ऐप्पल के प्रीमियम डिवाइस की कीमत हमेशा उच्च रहती है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the steep price differential could slow down Apple’s market penetration in India, a key growth frontier, and may push consumers toward high‑end Android competitors offering similar features at lower prices.

"यदि Apple स्थानीय रूप से फोल्डेबल फ़ोन का उत्पादन शुरू नहीं करता, तो भारत में इसकी कीमतें हमेशा प्रीमियम ही रहेंगी," कहते हैं टेक एनेलिस्ट रवींद्र सिंह।
Did You Know?: भारत में पहली बार iPhone को 2008 में लॉन्च किया गया था, और तब से यह देश के सबसे महंगे स्मार्टफ़ोन में से एक रहा है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या iPhone Duo भारत में जल्द ही स्थानीय रूप से निर्मित होगा?
A: अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन ऐप्पल ने भारत में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना जताई है।

Q2: क्या भारतीय उपभोक्ता इस कीमत अंतर को स्वीकार करेंगे?
A: विशेषज्ञों का मानना है कि कीमत में निरंतर वृद्धि से संभावित खरीदारों की संख्या घट सकती है, विशेषकर जब प्रतिस्पर्धी ब्रांड सस्ते विकल्प पेश कर रहे हैं।