चेन्नई के पल्लवरम-थोराईपक्कम रेडियल रोड के एक 2 किमी लंबे हिस्से को हटाकर वहां एक छह-लेन का एलीवेटेड ब्रिज बनाया जाएगा, जिससे पल्लिकरणई दलदल का पारिस्थितिकी तंत्र सुधरेगा और बाढ़ की समस्या कम होगी।
- 2 किमी लंबे सड़क खंड को हटाकर 6-लेन का एलीवेटेड ब्रिज बनाया जाएगा।
- परियोजना की अनुमानित लागत ₹450 करोड़ है और निर्माण में 2 साल लगेंगे।
- इस कदम से पल्लिकरणई दलदल को पुनर्जीवित करने और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।
चेन्नई के शहरी बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। आने वाले समय में, पल्लवरम-थोराईपक्कम रेडियल रोड का एक 2-किमी लंबा हिस्सा, जो 'चेन्नई वन' से 'कामकक्षी अस्पताल जंक्शन' तक फैला है, अस्तित्व में नहीं रहेगा। इसकी जगह पल्लिकरणई दलदल (Pallikaranai marshland) के लगभग सात हेक्टेयर क्षेत्र को वापस प्रकृति को सौंप दिया जाएगा, जिससे बाढ़ का पानी बिना किसी बाधा के बह सकेगा।
राजमार्ग विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। योजना के तहत एक छह-लेन वाला एलीवेटेड ब्रिज बनाया जाएगा जो थोराईपक्कम की ओर से चेन्नई वन से शुरू होकर कामकक्षी अस्पताल जंक्शन के फ्लाईओवर से 100 मीटर आगे तक जाएगा। इस पुल की विशेषता यह होगी कि इसमें 200 मीटर लंबे स्पैन होंगे, जिससे संरचना को सहारा देने वाले खंभों (piers) की संख्या कम रहेगी और पर्यावरण पर कम से कम प्रभाव पड़ेगा।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह परियोजना केवल यातायात सुधार के बारे में नहीं है, बल्कि यह शहरी नियोजन और पारिस्थितिकी संतुलन के बीच एक महत्वपूर्ण संतुलन है। वर्तमान में, यह सड़क प्रतिदिन लगभग 1.25 लाख वाहनों का भार वहन करती है। सड़क हटाने से वेमलेचेरी, मदिपक्कम और राम नगर जैसे क्षेत्रों के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो हर साल जलभराव की समस्या से जूझते हैं।
यह शायद पहली बार है जब पर्यावरण के हित में एक मौजूदा सड़क को पूरी तरह से हटाने का निर्णय लिया गया है।
ऐतिहासिक रूप से, इस रेडियल रोड का निर्माण निर्माण मलबे और कचरे का उपयोग करके किया गया था। सेवानिवृत्त राजमार्ग इंजीनियरों का कहना है कि उस समय पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन नहीं किया गया था, जिसके कारण दलदल की स्थिति और सड़क की स्थिरता को लेकर चुनौतियां पैदा हुईं। अब, इस एलीवेटेड संरचना के माध्यम से, सरकार जल निकासी (drainage) की समस्या को हल करने और दलदल के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल करने का प्रयास कर रही है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1990 के दशक के अंत में, CMDA द्वारा गठित मद्रास एरिया ट्रैफिक स्टडी यूनिट ने कई महत्वपूर्ण सड़कों की पहचान की थी। रेडियल रोड का निर्माण उस समय की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया गया था, लेकिन आधुनिक समय में बढ़ते जल स्तर और पारिस्थितिक संकट ने इसके पुनर्मूल्यांकन को अनिवार्य बना दिया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस नए ब्रिज के निर्माण की लागत क्या है?
उत्तर: इस एलीवेटेड ब्रिज के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग ₹450 करोड़ है।
प्रश्न 2: सड़क हटाने से क्या लाभ होगा?
उत्तर: सड़क हटने से पल्लिकरणई दलदल में पानी का प्रवाह सुधरेगा, जिससे वेमलेचेरी और मदिपक्कम जैसे इलाकों में बाढ़ का खतरा कम होगा।