भारत और वियतनाम ने क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और रक्षा सहयोग को गहरा करने के लिए अपनी 'उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी' को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।

  • भारत और वियतनाम ने रक्षा नीति संवाद को Aero India 2027 के दौरान आयोजित करने पर सहमति जताई।
  • दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
  • वियतनाम को ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति का समझौता पहले ही किया जा चुका है।
  • क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ASEAN-led तंत्रों के महत्व को रेखांकित किया गया।

नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान, भारतीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वियतनाम के उप रक्षा मंत्री नगुएन ट्रुओंग थांग ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए गहन चर्चा की। यह बैठक ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के इतर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई बातचीत का ही एक विस्तार है।

इस बैठक का मुख्य केंद्र 'उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी' (Enhanced Comprehensive Strategic Partnership) को और अधिक प्रभावी बनाना था। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने रक्षा प्रौद्योगिकी साझा करने, संयुक्त पहलों को गति देने और रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत और वियतनाम के बीच बढ़ते रक्षा संबंध दक्षिण चीन सागर में बढ़ती चीनी गतिविधियों और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह साझेदारी न केवल द्विपक्षीय है, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक नियम-आधारित सुरक्षा ढांचे के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

भारत और वियतनाम के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक संतुलित शक्ति संरचना सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक है।

दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और एक नियम-आधारित क्षेत्रीय सुरक्षा वास्तुकला सुनिश्चित करने के लिए समुद्री संबंधों के विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई। विशेष रूप से, उन्होंने ASEAN Defence Ministers’ Meeting Plus (ADMM-Plus) जैसे बहुपक्षीय मंचों के तहत सक्रिय जुड़ाव के महत्व पर प्रकाश डाला। दोनों पक्षों ने माना कि ADMM-Plus विशेषज्ञ कार्य समूह क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत और वियतनाम के रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में काफी गहरे हुए हैं। मई 2024 में, भारत ने वियतनाम को ब्रह्मोस मिसाइल की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते की पुष्टि की थी। इसके अतिरिक्त, भारत ने वियतनाम को 12 उच्च गति वाली गार्ड नावें और सेवानिवृत्त होने के बाद INS किरपान भी उपहार में दी है। ये कदम दक्षिण चीन सागर में बढ़ते क्षेत्रीय तनावों के बीच वियतनाम की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने के लिए उठाए गए हैं।

Did You Know?: भारत ने वियतनाम को उपहार में दी गई INS किरपान को 32 वर्षों की सेवा के बाद सेवामुक्त किया गया था।

Frequently Asked Questions

1. अगला रक्षा नीति संवाद कब आयोजित किया जाएगा?
अगला रक्षा नीति संवाद Aero India 2027 के अवसर पर भारत में आयोजित किया जाएगा।

2. भारत ने वियतनाम को कौन सा महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण दिया है?
भारत ने वियतनाम को ब्रह्मोस मिसाइलें और उच्च गति वाली गार्ड नावें प्रदान की हैं।