तेलंगाना में HMWSSB के तीन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की अचानक मृत्यु के बाद, JAC ने परिवारों के लिए 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने कार्यभार और वेतन में देरी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
- HMWSSB के तीन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की 24 घंटों के भीतर मृत्यु।
- JAC ने मृतकों के परिवारों के लिए ₹50 लाख की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी की मांग की।
- वेतन में देरी, अत्यधिक कार्यभार और नौकरी की असुरक्षा का मुद्दा उठाया गया।
- मीटर रीडर्स के लिए कमीशन आधारित नई टेंडर नीति का विरोध।
हैदराबाद में Hyderabad Metropolitan Water Supply & Sewerage Board (HMWSSB) के तीन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की महज 24 घंटों के भीतर हुई दुखद मृत्यु ने तेलंगाना में आक्रोश पैदा कर दिया है। तेलंगाना आउटसोर्सिंग कर्मचारी JAC ने रविवार को सरकार और बोर्ड प्रबंधन से मृतकों के परिवारों के लिए ₹50 लाख की अनुग्रह राशि (ex-gratia) और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है।
मृतकों की पहचान श्रीहरि (मौला अली), विनय (पेड्दापुर) और किरण कुमार (कुतुबपुल) के रूप में हुई है। इनमें से दो मृतक मीटर रीडर के रूप में कार्यरत थे। JAC नेताओं का आरोप है कि काम के बढ़ते दबाव और वेतन में लगातार हो रही देरी के कारण कर्मचारी मानसिक और आर्थिक तनाव से जूझ रहे हैं।
कार्य स्थितियों पर गंभीर सवाल
JAC ने न केवल मुआवजे की मांग की है, बल्कि बोर्ड के भीतर काम करने की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए हैं। नेताओं ने मांग की है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के कार्यभार को तुरंत कम किया जाए और उनकी नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, बोर्ड को कर्मचारियों के विवरण को Integrated Financial Management Information System (IFMS) पोर्टल पर तुरंत पंजीकृत करना चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
आउटसोर्सिंग मॉडल में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और समय पर वेतन सुनिश्चित करना किसी भी सार्वजनिक उपयोगिता बोर्ड की नैतिक जिम्मेदारी है।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यदि इन मांगों को तुरंत नहीं माना गया, तो HMWSSB में काम ठप हो सकता है और कर्मचारियों का असंतोष बड़े औद्योगिक संघर्ष का रूप ले सकता है।
नई टेंडर नीति का विरोध
कर्मचारी संघ ने मीटर रीडर्स के लिए प्रस्तावित नई कमीशन-आधारित टेंडर नीति का भी कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि इस नीति से अनुभवी कर्मचारियों की आजीविका छिन जाएगी और केवल मुनाफे के चक्कर में सेवा की गुणवत्ता प्रभावित होगी। रविवार को जब नेता शोक संतप्त परिवारों से मिलने जा रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोक दिया और हटा दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तेलंगाना में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मुद्दा लंबे समय से विवादों में रहा है। नियमित कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए आउटसोर्सिंग का सहारा लिया जाता है, लेकिन अक्सर ये कर्मचारी न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और नौकरी की स्थिरता के अभाव में संघर्ष करते रहते हैं।
Frequently Asked Questions
1. JAC ने क्या मुख्य मांगें रखी हैं?
JAC ने मृतकों के परिवारों के लिए ₹50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी, वेतन में सुधार और कार्यभार कम करने की मांग की है।
2. किन कर्मचारियों की मृत्यु हुई है?
मौला अली के श्रीहरि, पेड्डापुर के विनय और कुतुबपुल के किरण कुमार की मृत्यु हुई है।