जामिया मिलिया इस्लामिया के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल में खाने की बेहद खराब गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने बड़ा आंदोलन किया। इडली में कीड़े और छोले में कीड़े मिलने की घटनाओं ने प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया।

  • हॉस्टल के खाने में कीड़े, कांच के टुकड़े और कच्चा मांस मिलने की गंभीर शिकायतें।
  • छात्रों ने मेस ठेकेदार को तुरंत हटाने और महिला कर्मचारियों की तैनाती की मांग की।
  • प्रशासन ने ठेकेदार को हटाने और सुरक्षा का आश्वासन देने के बाद प्रदर्शन समाप्त करने पर सहमति जताई।

नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल में पिछले कुछ दिनों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। बुधवार को दोपहर के भोजन में छोले में कीड़े मिलने की घटना ने छात्रों के सब्र का बांध तोड़ दिया, जिसके बाद गुरुवार से छात्रों ने मेस ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

छात्रों का आरोप है कि यह कोई पहली बार नहीं है। पिछले साल नवंबर में भी एक छात्रा ने सब्जी में कांच के टुकड़े मिलने की शिकायत की थी। छात्रों ने बताया कि इडली और चावल में कीड़े, दाल और छोले में कीड़े, अधपका चावल, कच्चा चिकन और सब्जी में कांच के टुकड़े मिलना एक नियमित समस्या बन चुकी है। लगभग 700 छात्राओं के लिए यह स्थिति पिछले कई वर्षों से बनी हुई है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में छात्रों के स्वास्थ्य और पोषण के साथ इस तरह का समझौता न केवल छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य को खतरे में डालता है, बल्कि संस्थान की प्रतिष्ठा पर भी गहरा दाग लगाता है। किफायती भोजन के नाम पर स्वच्छता मानकों की अनदेखी करना एक गंभीर प्रशासनिक विफलता है।

"खाने की गुणवत्ता में यह गिरावट केवल लापरवाही नहीं, बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।"

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कई मांगें रखीं, जिनमें मेस ठेकेदार की तत्काल बर्खास्तगी, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन, और हॉस्टल मेस में केवल महिला कर्मचारियों की तैनाती शामिल थी। छात्रों ने वार्डन और केयरटेकर के इस्तीफे की भी मांग की थी।

प्रशासन ने शुक्रवार तड़के एक लिखित आश्वासन दिया कि मेस ठेकेदार को तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाएगा और छात्रों की अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि, शुक्रवार रात को छात्रों ने फिर से विरोध शुरू कर दिया था, क्योंकि उन्हें लगा कि व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

Did You Know?: जामिया मिलिया इस्लामिया एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है जिसकी स्थापना 1920 में हुई थी और यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों में से एक है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: छात्रों की मुख्य मांगें क्या थीं?
उत्तर: मुख्य मांगों में मेस ठेकेदार को हटाना, महिला स्टाफ की नियुक्ति और छात्रों को सुरक्षा का आश्वासन देना शामिल था।

प्रश्न 2: प्रशासन ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: प्रशासन ने ठेकेदार को बदलने और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए एक नई समिति बनाने का निर्णय लिया है।