मणिपुर के तामेन्ग्लोंग जिले में, 13 सितंबर को दो अलग-अलग हमलों में चार लोगों की मौत और एक छह वर्षीय बच्चे को गंभीर चोट पहुँची। यह घटना कुकि समुदाय के ‘सहित नाई’ या ‘ब्लैक डे’ के दौरान हुई, और स्थानीय और राष्ट्रीय नेताओं ने इस पर कड़ी निंदा की।

  • चार लोगों की मौत और एक बच्चे को चोट लगी।
  • हिंसक हमले कुकि ब्लैक डे के दौरान हुए।
  • संगठन और नेता शांतिपूर्ण समाधान की मांग कर रहे हैं।

मणिपुर के तामेन्ग्लोंग जिले में 13 सितंबर 2026 को दो अलग-अलग समय पर हुए हमलों ने चार लोगों की जान ली और एक छह वर्षीय बच्चे को गंभीर चोट पहुँचाई। ये हमले कुकि समुदाय द्वारा ‘सहित नाई’ या ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाए जाने वाले दिन पर हुए, जो 1990 के दशक में कुकि-नागा जातीय संघर्ष के शिकारों को याद करता है।

पहला हमला सुबह 5.30 बजे टोल्लेन गाँव में हुआ, जहाँ 46 वर्षीय ल्हिंगज़ैंगाई सिनशित को ताबड़तोड़ गोली मारी गई। उनके पति सीनेह सिंग्सिट और छह वर्षीय पुत्र भी गंभीर घावों के साथ अस्पताल ले जाए गए, परन्तु सीनेह मार्ग में ही दम तोड़ दिए। दूसरा हमला उसी दिन बाद में लॉन्गपी गाँव में हुआ, जहाँ जिली सिंग्सन और रेओल गैंटे को घरेलू काम करते समय गोली चलाई गई।

सैनिकों ने इन घटनाओं के पीछे के अपराधियों की पहचान करने के लिए जाँच शुरू कर दी है, जबकि अभी तक किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है। कुकि समूह ने NSCN-IM और ज़ेलियांगरॉंग यूनाइटेड फ्रंट-कामसन को इन हमलों के लिए दोषी ठहराया।

कायमी गाँव प्राधिकरण ने टोल्लेन हमले की निंदा करते हुए इसे “दुष्ट और जानबूझकर किया गया प्रयास” बताया, जो समुदायों के बीच शांति को बिगाड़ने का काम करता है। उन्होंने कुकि और नागा समुदायों से झूठी अफ़वाहें फैलाने से बचने का आह्वान किया। कुकि युवा संगठन महिलाओं परिषद ने भी एक निष्पक्ष जाँच, दोषियों की गिरफ्तारी और नागरिकों की बेहतर सुरक्षा की माँग की।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि मणिपुर में 2023 से चल रहे मेइटी और कुकि संघर्षों ने 306 से अधिक मौतें, 49 गुमशुदगी और हजारों लोगों के विस्थापन का कारण बना है। इस नई हिंसा ने क्षेत्रीय स्थिरता को फिर से खतरे में डाल दिया है और राष्ट्रीय स्तर पर शांति प्रक्रियाओं पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

“जैसे-जैसे शांति प्रयासों को खतरा पहुँचता है, हमें यह याद रखना चाहिए कि संवाद और समावेशी शासन ही स्थायी समाधान का रास्ता है।”
Did You Know?: 1990 के दशक में मणिपुर में कुकि-नागा संघर्ष ने लगभग 400 लोगों की जान ली और क्षेत्रीय राजनीति पर गहरा असर छोड़ा।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या इन हमलों के लिए किसी समूह ने जिम्मेदारी ली है?
A1: अभी तक किसी समूह ने आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।

Q2: क्या पुलिस ने जांच में कोई प्रगति की है?
A2: पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है और अपराधियों की पहचान के लिए सबूत जुटा रही है।