तेलंगाना सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए राज्य में कृत्रिम या एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। 'टीजी सेफ' के आदेशों के बाद अब रेस्टोरेंट्स और मिठाई की दुकानों में मिलावटी पनीर बेचना गैरकानूनी होगा।
- तेलंगाना में 'एनालॉग पनीर' (कृत्रिम पनीर) के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध।
- 'टीजी सेफ' (TG SAFE) द्वारा जारी आदेश एक साल तक प्रभावी रहेंगे।
- केरल और महाराष्ट्र की तर्ज पर तेलंगाना ने भी मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सख्त कदम उठाया है।
- अधिकारियों ने छह महीने के अध्ययन के बाद मिलावट के पुख्ता सबूत पाए हैं।
हैदराबाद: तेलंगाना में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने कृत्रिम पनीर, जिसे 'एनालॉग पनीर' भी कहा जाता है, के उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स (TG SAFE) के कमिश्नर द्वारा जारी किया गया है।
हाल के महीनों में, विभिन्न रेस्टोरेंट्स और मिठाई की दुकानों में कृत्रिम पनीर का उपयोग तेजी से बढ़ा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह उत्पाद स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और इसमें इस्तेमाल होने वाले गैर-डेयरी तत्व शरीर के लिए घातक हो सकते हैं। यह प्रतिबंध अगले एक वर्ष तक लागू रहेगा, जिसके दौरान अधिकारियों द्वारा सख्त निगरानी की जाएगी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि खाद्य पदार्थों में मिलावट न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह डेयरी उद्योग की साख को भी नुकसान पहुंचाती है। कृत्रिम पनीर अक्सर वसा, स्टार्च और अन्य सस्ते रसायनों से बनाया जाता है, जो असली पनीर का रूप तो लेते हैं लेकिन पोषण के नाम पर शून्य होते हैं। तेलंगाना का यह कदम अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों का बढ़ता चलन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर संकट है, और इस तरह के कड़े प्रतिबंधों से ही उपभोक्ताओं का भरोसा बहाल किया जा सकता है।
गौरतलब है कि तेलंगाना ने यह निर्णय लेने से पहले पिछले छह महीनों तक गहन अध्ययन किया है। इस अध्ययन की रिपोर्ट में पाया गया कि कई व्यापारी एक्सपायर्ड या घटिया गुणवत्ता वाले कृत्रिम पनीर को बेचकर लोगों की जान के साथ जोखिम उठा रहे थे। केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने पहले ही इस दिशा में कड़े कदम उठाए हैं, और अब तेलंगाना भी इस लड़ाई में शामिल हो गया है।
Frequently Asked Questions
1. कृत्रिम पनीर क्या है?
यह एक गैर-डेयरी उत्पाद है जो असली पनीर की तरह दिखने और स्वाद देने के लिए वसा, स्टार्च और अन्य रसायनों का उपयोग करके बनाया जाता है।
2. क्या यह प्रतिबंध केवल रेस्टोरेंट्स पर लागू है?
नहीं, यह प्रतिबंध निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण और बिक्री सहित पूरी सप्लाई चेन पर लागू होता है।