2024 की भीड़भाड़ से बचने के लिए रेलवे ने बांद्रा टर्मिनस पर 3,700 लोगों का नया हॉल्डिंग एरिया बनाया है। इस सुविधा का उद्देश्य त्योहारों के दौरान यात्रियों के प्रवाह को नियंत्रित करना है।
- नया हॉल्डिंग एरिया 3,700 यात्रियों को समायोजित करेगा
- निर्माण लागत ₹16.43 करोड़, 2,625 वर्ग मीटर का क्षेत्र
- उद्देश्य: 2024 की भीड़भाड़ से बचाव और यात्रियों के प्रवाह का प्रबंधन
बांद्रा टर्मिनस, मुंबई, ने 2024 के दुर्घटनाओं के बाद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा हॉल्डिंग एरिया तैयार किया है। इस सुविधा का निर्माण रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) द्वारा किया जा रहा है और इसे नवंबर के दिवाली सीजन से पहले पूरा किया जाना है।
कुल क्षेत्रफल 2,625 वर्ग मीटर है, जिसमें 1,345 वर्ग मीटर को प्री‑टिकटिंग ज़ोन के रूप में आवंटित किया गया है। इस क्षेत्र में 45 तीन‑सीटर बेंच, पांच सूचना स्क्रीन, पानी के कूलर, नल और शौचालय उपलब्ध होंगे।
टिकटिंग ज़ोन 285 वर्ग मीटर में आठ UTS काउंटर, दस वर्कस्टेशन और छह ATVMs के साथ सुसज्जित है। इसके अलावा 995 वर्ग मीटर का पोस्ट‑टिकटिंग क्षेत्र दो लगेज स्कैनर और एक रैंप एक्ज़िट के साथ तैयार किया गया है।
इस परियोजना की लागत ₹16.43 करोड़ है और इसे 2024 के अक्टूबर में हुई भीड़भाड़ के बाद पश्चिम रेलवे द्वारा लागू की गई सुरक्षा उपायों के जवाब में शुरू किया गया है।
बांद्रा टर्मिनस के बाहर बॉलार्ड, पोर्टेबल साइनज, रिफ्लेक्टिव लाइट और ट्रैफिक मार्शल भी लगाए जाएंगे ताकि अनधिकृत वाहनों के प्रवेश को रोका जा सके।
कुल मिलाकर, यह नया हॉल्डिंग एरिया स्टेशन की क्षमता को बढ़ाकर प्लेटफ़ॉर्म पर यात्रियों की भीड़ को कम करेगा। वर्तमान में BDTS पर रोज़ाना लगभग 40,000 यात्रियों का आवागमन और 22 लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन होता है।
Why This Matters
बोज़ोकमीडिया विश्लेषण के अनुसार, यह पहल मुंबई के यातायात प्रबंधन के लिए एक मॉडल साबित होगी और भविष्य में अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी इसी तरह की सुविधाएँ लागू की जा सकती हैं।
“यात्री प्रबंधन के लिए समर्पित हॉल्डिंग एरिया से भीड़भाड़ की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है,” कहते हैं रेल नीति विशेषज्ञ डॉ. रिया शुक्ला।
Frequently Asked Questions
- क्या यह हॉल्डिंग एरिया केवल दिवाली सीजन में उपयोग होगा?
- इस परियोजना की लागत में रखरखाव और संचालन खर्च भी शामिल हैं?