कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान एक डेढ़ साल के बच्चे के शरीर में सुई मिलने से सनसनी फैल गई है। माता-पिता ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि अस्पताल ने अपनी आंतरिक जांच में इसे खारिज कर दिया है।
- कोट्टायम मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान एक साल की बच्ची के शरीर में सुई पाई गई।
- माता-पिता ने अस्पताल पर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस केस दर्ज कराया है।
- अस्पताल की आंतरिक जांच ने लापरवाही से इनकार किया है, मामला अब पुलिस के पास है।
केरल के कोट्टायम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक डेढ़ साल की बच्ची, अद्विका, के शरीर से एक सुई बरामद की गई है। बच्ची के माता-पिता का आरोप है कि यह सुई कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान उसके शरीर के भीतर ही छोड़ दी गई थी। यह घटना तब सामने आई जब जुलाई 2026 में कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जांच के दौरान बच्ची की पसलियों के पास सुई का पता चला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, बच्ची की मां अंजू विनीश ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(a) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग और महिला एवं बाल विकास विभाग भी इस मामले की स्वतंत्र रूप से जांच कर रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस तरह की घटनाएं न केवल चिकित्सा प्रणाली पर जनता के भरोसे को कम करती हैं, बल्कि अस्पतालों की सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी प्रक्रियाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। एक नवजात शिशु के मामले में ऐसी चूक चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी चुनौती है।
चिकित्सीय लापरवाही के आरोप अस्पताल की प्रतिष्ठा और रोगी सुरक्षा मानकों पर गहरा प्रहार करते हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, अद्विका का जन्म 24 जून 2025 को कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुआ था। जन्म के दूसरे दिन ही उसे बुखार और पीलिया के लक्षणों के कारण नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में भर्ती कराया गया था। परिजनों का दावा है कि लगभग एक इंच लंबी सुई उपचार के दौरान शरीर में रह गई थी, जिसे बाद में सर्जरी के जरिए निकाला गया।
दूसरी ओर, कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने अपनी आंतरिक जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया है। अस्पताल द्वारा गठित विशेषज्ञों की टीम, जिसमें डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. फ्रेडरिक पॉल और अन्य वरिष्ठ डॉक्टर शामिल थे, ने कहा कि अस्पताल में किए गए अल्ट्रासाउंड स्कैन में कोई सुई नहीं पाई गई थी। जांच टीम ने यह भी उल्लेख किया कि माता-पिता ने कोझिकोड मेडिकल कॉलेज का डिस्चार्ज कार्ड प्रस्तुत नहीं किया है।
Historical Background
भारत में चिकित्सा लापरवाही (Medical Negligence) के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि देखी गई है। अक्सर सर्जरी या उपचार के बाद शरीर के भीतर विदेशी वस्तुएं (Foreign objects) रह जाने के मामले सामने आते हैं, जिससे कानूनी और नैतिक बहस छिड़ जाती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: पुलिस ने किस धारा के तहत मामला दर्ज किया है?
उत्तर: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 125(a) के तहत मामला दर्ज किया है।
प्रश्न 2: अस्पताल का इस मामले पर क्या रुख है?
उत्तर: अस्पताल की आंतरिक जांच के अनुसार, उपचार में कोई कमी नहीं पाई गई और अल्ट्रासाउंड में भी कुछ नहीं मिला था।