असम में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है, जहाँ उपग्रह चित्रों से पता चला है कि ब्रह्मपुत्र नदी का विस्तार सामान्य से तीन गुना बढ़ गया है। अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग प्रभावित हैं।

मुख्य बिंदु

  • ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर और विस्तार सामान्य से तीन गुना बढ़ गया है।
  • असम में अब तक 47 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और दर्जनों लोग लापता हैं।
  • 11 जिलों के लगभग 900 गाँव और 7.21 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
  • चराइदेओ में सामान्य से 436% अधिक बारिश दर्ज की गई है।

असम में बाढ़ की स्थिति एक भीषण मानवीय संकट में बदल गई है। नवीनतम यूरोपीय संघ के कोपरनिकस अर्थ-ऑब्जर्वेशन प्रोग्राम के उपग्रह चित्रों ने एक चौंकाने वाला दृश्य दिखाया है। जौरहाट के पास, नदी का जलक्षेत्र लगभग 21 किलोमीटर तक फैल गया है, जो इसके पहले के दृश्य विस्तार से लगभग तीन गुना अधिक है।

बाढ़ की इस विभीषिका ने न केवल आवासीय क्षेत्रों को, बल्कि चाय के बागानों और कृषि भूमि को भी जलमग्न कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि लगभग 70 से 80 लोग अभी भी लापता हैं। वर्तमान में 11 जिलों के 900 से अधिक गाँव इस आपदा की चपेट में हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल मौसमी बाढ़ नहीं है, बल्कि अत्यधिक वर्षा के कारण आया एक अभूतपूर्व जलस्तर है। उपस्ट्रीम पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और ऊपरी असम में तीव्र वर्षा ने नदियों के प्रवाह को उनके प्राकृतिक किनारों से बहुत बाहर धकेल दिया है।

यह बाढ़ का स्तर दशकों में सबसे खराब में से एक है, जो जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों की भेद्यता को दर्शाता है।

डेटा के अनुसार, सिवासगर सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा है, जहाँ लगभग 3.92 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद चराइदेओ और जौरहाट का नंबर आता है। बाढ़ के कारण लगभग 25,375 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है और 1.39 लाख से अधिक पशु प्रभावित हुए हैं।

तुलनात्मक प्रभाव: प्रमुख जिले

जिलाप्रभावित जनसंख्या (अनुमानित)स्थिति
सिवासगर3.92 लाखअत्यधिक गंभीर
चराइदेओ1.10 लाखगंभीर
जौरहाट97,700गंभीर

मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 30 जुलाई तक असम और मेघालय में भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे स्थिति और भी बिगड़ सकती है।

क्या आप जानते हैं?: ब्रह्मपुत्र नदी दुनिया की सबसे बड़ी नदियों में से एक है, लेकिन इसके जलस्तर में अचानक होने वाला यह विस्तार उपग्रहों द्वारा ही सटीक रूप से मापा जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. असम में कितने लोग प्रभावित हैं?
वर्तमान रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 7.21 लाख लोग और 900 गाँव प्रभावित हुए हैं।

2. क्या बारिश का खतरा अभी टला है?
नहीं, IMD के अनुसार 30 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।