हिंदू धर्म परिरक्षण ट्रस्ट ने गुंडलाकमम्मा नदी के पुनरुद्धार के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से धन की मांग की है। ट्रस्ट का लक्ष्य वृक्षारोपण, अतिक्रमण हटाना और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाना है।

मुख्य बातें

  • हिंदू धर्म परिरक्षण ट्रस्ट (HDPT) ने केंद्र से NRCP के तहत फंड मांगा है।
  • 280 किमी लंबे क्षेत्र में वृक्षारोपण (Afforestation) की योजना है।
  • नदी के किनारों से अतिक्रमण हटाने और सीमा सर्वेक्षण का प्रस्ताव है।
  • यह नदी लाखों एकड़ कृषि और पेयजल का मुख्य स्रोत है।

गुंडलाकमम्मा नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए एक व्यापक आंदोलन शुरू हो गया है। हिंदू धर्म परिरक्षण ट्रस्ट (HDPT) ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल को एक पत्र लिखकर राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (NRCP) के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है।

ट्रस्ट के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस अधिकारी दासारी श्रीनिवासुलु ने बताया कि 'गुंडलाकमम्मा हरिताहरम' नामक एक मेगा वृक्षारोपण अभियान की योजना बनाई गई है। इस अभियान के तहत नदी के उद्गम स्थल गुंडला ब्रह्मेश्वरम से लेकर समुद्र में मिलने वाले गुंडयापलेम तक, दोनों किनारों पर विविध स्थानीय प्रजातियों के पेड़ लगाए जाएंगे।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि गुंडलाकमम्मा केवल एक जल निकाय नहीं है, बल्कि यह प्राकसन जिले की जीवन रेखा है। यह नदी नंदीयाल, पलनाडू और मरकपुरम जैसे पिछड़े जिलों में लाखों एकड़ भूमि की सिंचाई करती है और फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में लाखों लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराती है।

गुंडलाकमम्मा का संरक्षण गंगा के 'नमामि गंगे' मिशन की तरह ही अनिवार्य है, क्योंकि यह दक्षिण भारत की एक बारहमासी जीवन रेखा है।

ट्रस्ट का उद्देश्य केवल पेड़ लगाना ही नहीं, बल्कि नदी के किनारों से अवैध अतिक्रमण को हटाना और एक विस्तृत सीमा सर्वेक्षण करना भी है ताकि नदी के प्राकृतिक प्रवाह को सुरक्षित किया जा सके।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गुंडलाकमम्मा एक प्राचीन और पवित्र नदी है जो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पिछले कुछ वर्षों में, गाद (siltation) और अतिक्रमण के कारण नदी के जल स्तर और प्रवाह में गिरावट देखी गई है, जिससे स्थानीय किसानों और निवासियों पर संकट मंडरा रहा है।

क्या आप जानते हैं?: गुंडलाकमम्मा नदी का पारिस्थितिकी तंत्र न केवल सिंचाई बल्कि स्थानीय जैव विविधता के लिए भी एक महत्वपूर्ण गलियारा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. ट्रस्ट किस योजना के तहत धन मांग रहा है?
ट्रस्ट राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (NRCP) के तहत सहायता मांग रहा है।

2. इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य क्या है?
इसका मुख्य लक्ष्य वृक्षारोपण, अतिक्रमण हटाना और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र का पुनरुद्धार करना है।