मथुरा के कोसीकलां में चार मासूम बच्चों ने कांवड़ यात्रा के दौरान भगवान शिव से स्कूल की फीस माफ करने की प्रार्थना की थी। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, जिलाधिकारी ने न केवल फीस माफ कराई, बल्कि बच्चों को शिक्षा का सारा सामान भी उपलब्ध कराया।

मुख्य बिंदु

  • कोसीकलां के चार बच्चों ने कांवड़ यात्रा के दौरान स्कूल फीस माफी की मन्नत मांगी थी।
  • वीडियो वायरल होने के बाद मथुरा DM शैलेंद्र कुमार सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया।
  • प्रशासन ने बच्चों की स्कूल फीस माफ की और उन्हें ड्रेस, बैग, किताबें और जूते-मोजे दिए।
  • SDM छाता ने चारों बच्चों को गोद लेकर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी ली है।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक बेहद भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है। कोसीकलां क्षेत्र के रहने वाले भरत सिंह के चार बच्चों की पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण संकट में थी। इन मासूमों ने अपनी समस्या का समाधान खोजने के लिए कांवड़ यात्रा के दौरान भगवान भोलेनाथ से स्कूल की फीस माफ करने की मन्नत मांगी थी।

बच्चों की यह मासूम प्रार्थना और संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जैसे ही यह मामला प्रशासन की नजरों में आया, मथुरा के जिलाधिकारी (DM) शैलेंद्र कुमार सिंह ने व्यक्तिगत रूप से इस मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने न केवल बच्चों की स्थिति का जायजा लिया, बल्कि तत्काल प्रभाव से उनके भविष्य को सुरक्षित करने के कदम उठाए।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

जिलाधिकारी के निर्देश पर चारों बच्चों को कलेक्ट्रेट बुलाया गया। प्रशासन की ओर से बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक सभी सामग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें दो-दो स्कूल ड्रेस, स्कूल बैग, किताबों का सेट, पेंसिल बॉक्स, टिफिन बॉक्स, जूते और मोजे शामिल हैं। इससे परिवार को शिक्षा पर होने वाले खर्च से बड़ी राहत मिली है।

प्रशासन की यह संवेदनशीलता दर्शाती है कि जब तकनीक और मानवीय संवेदनाएं मिलती हैं, तो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों के जीवन में भी उजाला आ सकता है।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया है कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र और आम जनता के बीच एक सेतु का काम कर रहा है।

SDM ने ली जिम्मेदारी

इस मानवीय पहल को और अधिक मजबूत बनाने के लिए SDM छाता ने चारों बच्चों को गोद लेने का निर्णय लिया है। इसका अर्थ है कि बच्चों की पढ़ाई और उनके सर्वांगीण विकास की पूरी जिम्मेदारी अब प्रशासन के एक अधिकारी की होगी।

क्या आप जानते हैं?: भरत सिंह का परिवार पहले से ही प्रधानमंत्री आवास योजना और दिव्यांग पेंशन योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहा है।

Frequently Asked Questions

1. बच्चों ने क्या मन्नत मांगी थी?
बच्चों ने कांवड़ यात्रा के दौरान भगवान शिव से अपनी स्कूल की फीस माफ करने की मन्नत मांगी थी।

2. प्रशासन ने बच्चों की मदद कैसे की?
प्रशासन ने उनकी स्कूल फीस माफ कर दी और उन्हें ड्रेस, किताबें, बैग और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री प्रदान की।